संघ के ‘पंच परिवर्तन’ से होगा राष्ट्र का पुनर्जागरण – प्रमुख जन गोष्ठी में विचार मंथन
फतहनगर, 12 अप्रैल 2026।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ फतहनगर खंड, जिला भिंडर द्वारा संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में फतहनगर के विद्यानिकेतन विद्यालय में ‘प्रमुख जन गोष्ठी’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्धजन, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, विभिन्न व्यवसायों से जुड़े लोग तथा समाज के विविध वर्गों के प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता दीपक जी शुक्ल, सह प्रांत कार्यवाहक, चित्तौड़ प्रांत ने अपने उद्बोधन में कहा कि गत सौ वर्षों में संघ ने दैनिक शाखाओं, सेवा कार्यों, शैक्षणिक एवं सामाजिक पहलों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचने का सतत प्रयास किया है। संघ की मूल दृष्टि सदैव एक मजबूत, आत्मविश्वासी, सांस्कृतिक रूप से जागरूक एवं संगठित भारत के निर्माण की रही है। स्वयंसेवक प्रायः मौन एवं निष्काम भाव से समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देकर राष्ट्र को सशक्त बनाने में निरंतर कार्यरत रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हर राष्ट्र की एक आत्मा होती है।
“राष्ट्र निर्माण केवल शासन या किसी एक संगठन का कार्य नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक सज्जन व्यक्ति की जिम्मेदारी है।”
भविष्य की दिशा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने अधिक से अधिक युवा वर्ग को सकारात्मक सामाजिक कार्यों से जोड़ने, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने तथा सभी प्रकार के भेदभाव से ऊपर उठकर समाज को एकसूत्र में पिरोने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने परिवार संस्था की मजबूती, समुदाय आधारित जीवन मूल्यों को अपनाने, पर्यावरण संरक्षण तथा प्रत्येक नागरिक की राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया। मुख्य वक्ता ने अपने उद्बोधन में समाज में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की रचनात्मक भूमिका पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की शुरुआत आमंत्रित अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। तत्पश्चात मंचासीन अतिथियों ने भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मंचासीन अतिथियों का औपचारिक परिचय एवं स्वागत किया गया। आयोजकों ने संक्षेप में बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित यह प्रमुख जन गोष्ठी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सामाजिक एवं राष्ट्रीय यात्रा को समझने तथा भविष्य की दिशा पर व्यापक विमर्श करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित
अतिथियों एवं प्रबुद्धजनों ने राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प व्यक्त किया।
