साकरोदा गैस प्लांट पर हाई-लेवल मॉक ड्रिल
.केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर जिला प्रशासन सहित विभिन्न एजेंसियों ने किया संयुक्त पूर्वाभ्यास

उदयपुर, 24 अप्रैल। गृह मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार नागरिक सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए साकरोदा स्थित भारत पेट्रोलियम के गैस प्लांट पर हाई-लेवल मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसमें हवाई हमले के बाद गैस प्लांट में आग लगने जैसी गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए तैयारियों को परखा गया।
गृह मंत्रालय की ओर से वर्ष 2026 के लिए मॉक ड्रिल की थीम हवाई हमला एवं ब्लैक आउट रखी गई है। इसके अनुरूप जिला मजिस्ट्रेट गौरव अग्रवाल के निर्देशन में जिला प्रशासन, बीपीसीएल, नागरिक सुरक्षा विभाग, फायर ब्रिगेड, पुलिस, होमगार्ड तथा चिकित्सा विभाग सहित विभिन्न एजेंसियों ने समन्वय के साथ भाग लिया।
शनिवार शाम ठीक 7.25 बजे साकरोदा प्लांट से प्रशासन सहित सभी एजेंसियों को सूचना दी गई कि प्लांट के स्टोरेज क्षेत्र के समीप एयर स्ट्राइक के चलते विस्फोटक गिरने से आग लग गई है तथा संबंधित क्षेत्र में ब्लैक आउट हो गया है। साथ ही गैस स्टोरेज कैप्सूल में लीकेज होने की सूचना भी प्रसारित की गई।
प्रशासनिक टीमों के मौके पर पहुंचने से पूर्व प्लांट मैनेजर रामानुज कर्मकार के निर्देशन में बीपीसीएल की टीमों ने एहतियाती कार्यवाही प्रारंभ की और फायर फाइटिंग सिस्टम को सक्रिय किया।
इस दौरान अग्निशमन वाहन मय दल, सिविल डिफेंस टीम, पुलिस, होमगार्ड तथा चिकित्सा दल मय एम्बुलेंस मौके पर पहुंचे।
जिला प्रशासन के निर्देश पर पूरे क्षेत्र में एहतियातन ब्लैक आउट कराया गया। सभी टीमों ने समन्वय के साथ कार्य करते हुए ब्लैक आउट, फायर फाइटिंग तथा हादसे में हताहत लोगों का रेस्क्यू कर उन्हें चिकित्सालय पहुंचाने जैसी गतिविधियों का वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप प्रदर्शन किया, जिससे आपदा प्रबंधन की प्रभावशीलता को परखा जा सके।
पूर्वाभ्यास के दौरान आपातकालीन प्रतिक्रिया, संसाधनों की उपलब्धता तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को विशेष रूप से जांचा गया। मौके पर जिला कलेक्टर के निर्देशन में एडीएम प्रशासन दीपेंद्र सिंह राठौड़, अग्निशमन अधिकारी शिवराम मीणा, सहायक अग्निशमन अधिकारी नवदीप सिंह बग्गा सहित सभी संबंधित अधिकारी मय टीम मौजूद रहे।
एडीएम श्री राठौड़ ने बताया कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है, ताकि जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।
