संक्षेप: रविवार रात करीब 11 बजे कोयंबटूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित एक सुनसान और अंधेरी सड़क पर तीन अज्ञात आरोपियों ने 20 वर्षीय पोस्टग्रेजुएट छात्रा का कथित तौर पर अपहरण कर सामूहिक बलात्कार किया।
तमिलनाडु के कोयंबटूर में कॉलेज छात्रा से दुष्कर्म के मामले में फरार तीन आरोपियों को पुलिस ने सोमवार को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने टीम पर हमला करने की कोशिश की, जिसके जवाब में की गई फायरिंग में तीनों के पैरों में गोली लगी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान थवासी, करुप्पासामी और कालीस्वरन के रूप में हुई है। तीनों शिवगंगई जिले के निवासी हैं और कोयंबटूर में एक निर्माण कंपनी में काम करते थे।
सोमवार को आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस की विशेष टीमों ने उन्हें एक मंदिर के पास घेर लिया। इसी दौरान तीनों आरोपियों ने दरांती से पुलिस पर हमला कर दिया। हमले में हेड कांस्टेबल चंद्रशेखर के बाएं हाथ और कलाई पर चोटें आईं। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें तीनों आरोपियों के पैर में गोली लगी। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर कोयंबटूर जिला सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि घायल पुलिसकर्मी को भी इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
पूरे घटनाक्रम की कहानी
यह घटना रविवार देर रात की है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित कॉलेज छात्रा अपने दोस्त के साथ कार से बाहर गई थी। दोनों पिछले पांच वर्षों से रिश्ते में थे। डिनर के बाद वे कार से एक सुनसान इलाके में पहुंचे, जहां वारदात हुई। रात करीब 11 बजे तीन अज्ञात व्यक्ति चोरी की मोटरसाइकिल पर वहां पहुंचे। उन्होंने पार्क की गई कार पर पत्थर फेंककर उसका शीशा तोड़ दिया और छात्रा के दोस्त को बाहर घसीट लिया।
हमलावरों ने चाकू की नोक पर युवक को धमकी दी और जब उसने विरोध किया, तो उसे लाठी और पत्थरों से पीटा। सिर पर गंभीर चोटें लगने से उसे छह घावों पर कुल 28 टांके लगाने पड़े और वह कुछ समय के लिए बेहोश भी हो गया। इसी बीच, छात्रा को जबरन कार से बाहर खींचकर एयरपोर्ट से लगभग एक किलोमीटर दूर एक मोटर रूम जैसे शेड में ले जाया गया, जहाँ कथित तौर पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। सुबह करीब 4:30 बजे हमलावरों ने छात्रा को किसी को बताने की धमकी देकर छोड़ दिया।
बॉयफ्रेंड रात करीब 11:25 बजे होश में आया और क्षतिग्रस्त कार को एयरपोर्ट रोड की ओर लेकर गया, जहाँ उसने राहगीरों से मदद मांगी। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। पुलिस की कई टीमों ने क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी बीच, पीड़िता पास के एक रिहायशी इलाके में पहुंची और फोन के माध्यम से पुलिस को जानकारी दी। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद पूरे तमिलनाडु में गहरा आक्रोश फैल गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस मामले को लेकर राज्य की राजनीति भी गर्मा गई है। एआईएडीएमके महासचिव ई. पलानीस्वामी ने सत्तारूढ़ डीएमके सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि डीएमके शासन में महिलाओं की सुरक्षा पूरी तरह से खतरे में है। उन्होंने दावा किया कि एआईएडीएमके के समय तमिलनाडु देश का सबसे सुरक्षित राज्य था, जहां महिलाएं निडर होकर रहती थीं।
केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन ने कहा कि तमिलनाडु में महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराधों में कोई कमी नहीं आई है और यह घटना इसका स्पष्ट उदाहरण है। भाजपा के राज्य अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने इस घटना के विरोध में राज्यव्यापी प्रदर्शन की घोषणा की। वहीं, कोयंबटूर दक्षिण की विधायक और भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष वनथी श्रीनिवासन ने इसे डीएमके सरकार के शासन पर एक और काला धब्बा करार दिया।
भाजपा नेता के. अन्नामलाई ने भी कड़ा विरोध जताया और कहा कि डीएमके सरकार के सत्ता में आने के बाद से राज्य में अपराधियों में कानून और पुलिस का डर समाप्त हो गया है। फिलहाल, पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म, अपहरण और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। जांच जारी है और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के बाद और भी अहम खुलासे सामने आ सकते हैं।
