Sunday, September 27, 2026
No menu items!
HomeBreaking Newsडबल इंजन सरकार का फायदा, केंद्र की योजनाओं का राजस्थान को मिल...

डबल इंजन सरकार का फायदा, केंद्र की योजनाओं का राजस्थान को मिल रहा दोगुना लाभ

  • 2सालः नव उत्थान-नई पहचान, बढ़ता राजस्थान-हमारा राजस्थान
  • केन्द्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में शामिल

जयपुर, उदयपुर, 8 दिसम्बर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में दोगुनी दक्षता से केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे प्रदेशवासियों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में केन्द्रीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो रहा है। प्रदेश में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के धरातल पर हो रहे इस बेहतर क्रियान्वयन के पीछे केंद्र और राज्य सरकार के बीच मजबूत प्रशासनिक समन्वय, सहयोग और समझ मूल कारण है। इसी का परिणाम है कि राज्य नवीकरणीय ऊर्जा, पीएम कुसुम, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री आवास, किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं में तेजी से आगे बढ़ा है और देश के अग्रणी राज्यों में सम्मिलित है।

आमजन बन रहा ऊर्जादाता
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में राजस्थान लगातार आगे बढ़ रहा है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 1.09 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिनकी कुल क्षमता 441 मेगावाट है। पीएम कुसुम योजना को बीते दो वर्षों में राज्य सरकार ने मजबूत इच्छाशक्ति के साथ धरातल पर गति दी है। दिसम्बर, 2023 में जब मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश की बागडोर संभाली, तब कंपोनेंट-ए एवं कंपोनेंट-सी में मात्र 122 मेगावाट क्षमता के विकेन्द्रित सौर ऊर्जा संयंत्र ही स्थापित हुए थे। विगत दो वर्षों में इस योजना में 2460 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं। इसका अर्थ यह है कि मात्र दो वर्षों में ही 2338 मेगावाट क्षमता सृजित की गई है। इस योजना के कारण प्रदेश का आम किसान ऊर्जादाता बना है और प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता के नए युग की शुरूआत हुई है। इन संयंत्रो से निर्मित ऊर्जा से 1.54 लाख किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध हुई है।

मरुधरा में नवीन जल क्रांति का आगाज
राज्य में जल प्रबंधन की दिशा में रामजल सेतु लिंक परियोजना एक ऐतिहासिक कदम साबित होने जा रही है। इसके तहत 26 हजार करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। इससे भविष्य में राज्य सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता में आत्मनिर्भर बन सकेगा। केंद्रीय योजना जल जीवन मिशन ने प्रदेश के लाखों परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया है। गत दो वर्षों में 13 लाख से अधिक घरों में पाइपलाइन से पीने के पानी के कनेक्शन दिए गए हैं, जिसमें 10 हजार 482 करोड़ रुपये व्यय किये गए हैं।

मुफ्त इलाज से लाखों मरीज आयुष्मान
प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का दायरा तेजी से बढ़ा है। इस योजना से मात्र दो वर्षों में ही 30.68 लाख से अधिक मरीजों को 6 हजार करोड़ रुपये से अधिक का लाभ मिला है। राज्य सरकार इस योजना को गरीबों और कमजोर वर्गों तक पहुंचाकर उन्हें उपचार में आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है।

7 लाख लोगों के पक्के घर का सपना हुआ साकार
केन्द्र प्रवर्तित प्रधानमंत्री आवास योजना ने भी बीते दो वर्षों में लाखों प्रदेशवासियों का पक्के आवास का सपना साकार किया है। राजस्थान में मात्र दो साल में ही 2.06 लाख पक्के आवासों का निर्माण पूरा किया है और 7.61 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं।

महिला सशक्तीकरण में पेश की नई मिशाल
केंद्र सरकार की महिला कल्याण की योजनाओं से प्रदेश के सामाजिक ढांचे में सकारात्मक बदलाव आया है। पीएम मातृ वंदना योजना के अंतर्गत प्रदेश की 9.92 लाख महिलाओं को 531 करोड़ रुपए की सहायता राशि उलब्ध करवाई गई है। इसी प्रकार लखपति दीदी योजना से राज्य में 19.45 लाख महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया है और 12.06 लाख महिलाएँ आर्थिक रूप से लखपति दीदी बन गई हैं। डबल इंजन की सरकार ने इस योजना का बेहतर क्रियान्वयन कर महिलाओं को स्वावलंबी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जनजातीय क्षेत्रों में बह रही विकास की धारा
प्रदेश में जनजातीय क्षेत्रों के विकास और उनकी संस्कृति के संरक्षण के लिए निरंतर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। जनजातीय समुदाय की प्रगति के लिए राज्य में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान को गति दी गई है। इस अभियान के लिए 6019 गांवों का चयन कर वहां शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और आजीविका से संबंधित योजनाओं का विस्तृत क्रियान्वयन किया जा रहा है। धरती आबा अभियान में देशभर में प्रथम स्थान पर रहने पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने गत दिनों राज्य को सम्मानित किया है।

रोजगार के साथ-साथ श्रमिक परिवारों का भी हो रहा कल्याण
राज्य में श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी दिशा में गत दो वर्षों में ई-श्रम पोर्टल पर 17.41 लाख श्रमिकों का पंजीकरण किया गया है। वहीं प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में 24 हजार 191 श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। इसके अतिरिक्त स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए पीएम स्वनिधि योजना के तहत मात्र दो वर्षों में ही 87 हजार से अधिक रेहड़ी पटरी व छोटे व्यापारियों को ऋण स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही, पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 2.13 लाख कारीगरों को प्रशिक्षण तथा 49 हजार 306 लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराया गया है।

अन्नदाता डबल सम्मान, पात्र परिवारों का खाद्य सुरक्षा में जुडा नाम
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से देशभर के किसानों को आर्थिक सहायता मिल रही है। मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने एक कदम आगे बढ़कर इस सहायता में वृद्धि कर अन्नदाता का डबल सम्मान सुनिश्चित किया है। किसान सम्मान निधि के तहत प्रदेश के 76.18 लाख किसानों को सिर्फ दो साल में ही 8 हजार 359 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे किसानों को कृषि कार्यों में राहत और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल रही है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रदेश में 47.47 लाख व्यक्तियों के स्वेच्छा से ‘गिव-अप’ करने के बाद 70.17 लाख योग्य व्यक्तियों को सूची में शामिल किया गया है। इससे वास्तविक लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचा है।

निवेश में सिरमौर बन रहा राजस्थान
प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने राईजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया जिसमें करोड़ों रुपए के निवेश अब तक धरातल पर उतर चुके हैं। इसी प्रकार केन्द्रीय उपक्रमों के साथ 2.61 लाख करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे भविष्य में बड़े स्तर पर औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त होगा।

Also Read: स्कूल बस, बाल वाहिनियों का अतिरिक्त जिला न्यायाधीश शर्मा ने किया निरीक्षण

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular