“एक शाम लाज बचाने वाले के नाम” थीम पर भव्य आयोजन, जयकारे सांवरा सेठ के गूंजे पूरे मैदान में
फतहनगर (उदयपुर), 6 नवम्बरl फतह नगर में गुरुवार की शाम फतहनगर में आयोजित चतुर्थ श्री श्याम संकीर्तन महोत्सव ने श्रद्धालुओं के दिलों में भक्ति और आनंद की अद्वितीय छाप छोड़ी।
पूर्व निर्धारित तिथि पर अचानक हुई बारिश के कारण स्थगित यह कार्यक्रम नई तिथि पर भव्य रूप से संपन्न हुआ।
पूरा स्थल विद्युत सजावट और पुष्प साज-सज्जा से सजा हुआ था, जिससे भक्तों का उत्साह और भी बढ़ गया।
🎶 सांवरा सेठ के दरबार में गोकुल शर्मा के भजनों का जादू
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा सांवरा सेठ के दरबार में गोकुल शर्मा द्वारा प्रस्तुत भजन, जिन्होंने सभी भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
🌟 गोकुल शर्मा के लोकप्रिय भजन (सांवरा सेठ के लिए):
सांवरिया सेठ दे दे
हल्का मी ना लेवु, सांवरिया सेठ थारी माया ने
गाड़ियाँ गाड़ियाँ और होटल पे नाम लिखियो सांवरिया को
मेरी जिंदगी संवर गई, श्याम जो मिला
तू है थानेदार, सांवर कर ले गिरफतार
इन भजनों ने भक्तों के दिलों में सांवरा सेठ के प्रति प्रेम और भक्ति की गहरी छाप छोड़ी।
जयकारे “सांवरा सेठ के” पूरे आयोजन स्थल में गूँज उठे। भक्तजन भजनों पर झूमते नजर आए और हाथ उठाकर भक्ति भाव व्यक्त किया।
मंच संचालन और संगीत संयोजन का दायित्व काल म्यूजिकल ग्रुप, जयपुर ने संभाला।
भजनों के बीच-बीच में श्याम महिमा और झांकियाँ ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया।
✨ सांवरा सेठ के दरबार में गोकुल शर्मा के भजनों ने सभी भक्तों का मनमोहा। ✨

🌼 आयोजन समिति का संदेश
आयोजक श्री श्याम सेवक परिवार ने बताया कि यह वार्षिक महोत्सव समाज में भक्ति, प्रेम और एकता का संदेश देने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है।
भक्तों का उत्साह बारिश के बावजूद पहले जैसा ही बना रहा।
नगर के कई स्वयंसेवकों ने आयोजन की सफलता में अहम योगदान दिया।
🙏 समापन और प्रसाद वितरण
कार्यक्रम का समापन श्री श्याम आरती और महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ।
भक्तों ने एक स्वर में जयकारे “सांवरा सेठ के” लगाए और अगले वर्ष फिर से संकीर्तन महोत्सव को और भव्य रूप में आयोजित करने का संकल्प लिया।
📰 विशेष आकर्षण और हाइलाइट्स
सांवरा सेठ के दरबार पूरे महोत्सव का मुख्य आकर्षण।
गोकुल शर्मा के लोकप्रिय भजन, खासकर “मेरी जिंदगी संवर गई, श्याम जो मिला” और “गाड़ियाँ गाड़ियाँ और होटल पे नाम लिखियो सांवरिया को”, ने भक्तों का दिल जीत लिया।
पूरे कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
मंच, सजावट और भजनों की प्रस्तुति ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
भजन और झांकियों के माध्यम से सांवरा सेठ के प्रति भक्ति और सामाजिक संदेश सभी तक पहुंचा।


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