दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके से जुड़ी एक संदिग्ध की तस्वीर सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, उमर नाम का शख्स, जो जम्मू-कश्मीर का रहने वाला बताया जा रहा है, इस आत्मघाती हमले में शामिल था। धमाके में नौ लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल जांच एजेंसियां मामले की गहराई से पड़ताल में जुटी हैं।
दिल्ली में सोमवार शाम लाल किले के पास हुए धमाके के मामले में एक संदिग्ध की तस्वीर सामने आई है। प्रारंभिक जांच में पुलिस का मानना है कि आई-20 कार (HR26CE7674) में सिर्फ उमर मौजूद था, जिसने आत्मघाती हमले को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि उमर जम्मू-कश्मीर का निवासी है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह कार दो बार बेची गई थी। आखिरी बार उमर ने इसे करीब 10 दिन पहले फरीदाबाद के एक व्यक्ति से खरीदा था। जांच के दौरान इस धमाके में फरीदाबाद और पुलवामा के बीच संबंध के संकेत मिले हैं।
सूत्रों के मुताबिक, कार चालक की पहचान डॉ. उमर उ नबी, पुत्र नबी भट, के रूप में हुई है। उसका जन्म 24 फरवरी 1989 को हुआ था और वह फरीदाबाद के अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में कार्यरत था।
वह मूल रूप से पुलवामा (जम्मू-कश्मीर) के कोइल इलाके का निवासी था। बताया जा रहा है कि वह डॉ. आदिल का करीबी सहयोगी था और दोनों कथित तौर पर टेलीग्राम के एन्क्रिप्टेड चैनलों पर सक्रिय एक कट्टरपंथी डॉक्टरों के समूह से जुड़े हुए थे।
उमर ने श्रीनगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज से एमडी मेडिसिन की डिग्री हासिल की थी। इसके बाद वह जीएमसी अनंतनाग में सीनियर रेजिडेंट के तौर पर कार्यरत रहा और फिर दिल्ली आ गया।
आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के बीच सोमवार शाम राष्ट्रीय राजधानी में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी आइ-20 कार में विस्फोट हो गया। इसकी चपेट में आने से आसपास से गुजरने वाली छह गाड़ियों के परखचे उड़ गए और 20 से ज्यादा वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 19 घायलों का इलाज लोकनायक अस्पताल में चल रहा है। एक अन्य घायल को कश्मीरी गेट स्थित ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। स्पेशल सेल, नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) सहित सभी केंद्रीय एजेंसियां और पुलिस मिलकर जांच में जुटी हैं।
पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पूरी स्थिति की जानकारी दी। इसके बाद अमित शाह पहले लोकनायक अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल लिया, फिर घटनास्थल पर जाकर स्थिति का जायजा लिया।
