दिल्ली ब्लास्ट: फॉरेंसिक रिपोर्ट में DNA की पुष्टि, डॉ. उमर नबी का नाम जांच के दायरे में, जांच प्रक्रिया जारी
नई दिल्ली: सोमवार शाम लाल किले के पास हुए कार धमाके ने पूरे देश को झकझोर दिया। अब पुलिस जांच में इस विस्फोट के पीछे की परतें खुलने लगी हैं। फॉरेंसिक रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि धमाके के समय कार जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी डॉक्टर उमर नबी चला रहा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटनास्थल से मिले DNA नमूनों की तुलना उमर की मां के नमूनों से की गई, और जांच के नतीजों ने पूरे मामले को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “रिपोर्ट से यह साफ हो गया है कि कार में वही व्यक्ति मौजूद था जो उसे चला रहा था।”
सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल का सदस्य
उमर नबी एक सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल का प्रमुख सदस्य था, जिसका हाल ही में खुलासा हुआ है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस ग्रुप के जैश-ए-मोहम्मद और अंसार ग़ज़वत-उल-हिंद जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से संबंध थे।
विस्फोट और गिरफ्तारी
धमाका उस वक्त हुआ जब एक कार धीरे-धीरे लाल किले के पास पहुंच रही थी। जोरदार विस्फोट से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने विस्फोट से पहले ही आठ संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया था, जिनमें तीन डॉक्टर भी शामिल थे।
छापेमारी में बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद
जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में की गई छापेमारी के दौरान लगभग 3,000 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है, जिसमें अमोनियम नाइट्रेट, पोटेशियम क्लोरेट और सल्फर जैसी रासायनिक पदार्थ शामिल हैं। जांच अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या लाल किले के पास हुआ धमाका इस समूह की किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था। इसी बीच, सुरक्षा एजेंसियां देशभर में सतर्क हैं और मामले में और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
यह मामला स्पष्ट करता है कि आतंकवादी अब आम दिखने वाले लोगों के माध्यम से भी खतरनाक योजनाओं को अंजाम दे सकते हैं। ऐसे में सुरक्षा और सतर्कता की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है।
