Wednesday, February 11, 2026
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झीलों में पेट्रोल-डीजल चालित नावों को नहीं दिए जाएं लाइसेंस

  • जिला स्तरीय झील विकास समिति की त्रेमासिक बैठक में जिला कलक्टर ने दिए निर्देश
  • झील पेट्रोलिंग, पेट्रोल-डीजल नावों की सीजिंग, मत्स्य ठेकों आदि पर हुई चर्चा

उदयपुर, 10 फरवरी। जिला कलक्टर श्री नमित मेहता ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्यायालय द्वारा झीलों में पेट्रोल-डीजल चालित नावों पर रोक को देखते हुए नए लाइसेंस जारी नहीं किए जाएं। वर्तमान में संचालित ऐसी नावों को क्रमबद्ध तरीके से सीजिंग की कार्रवाही की जाए। उन्होने मंगलवार को जिला स्तरीय झील विकास समिति की त्रेमासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह निर्देश दिए। बैठक में निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना, यूडीए आयुक्त राहुल जैन, एडीएम सिटी जितेन्द्र ओझा, निगम अधिशाषी अभियंता लखन बैरवा, पर्यटन उप निदेशक शिखा सक्सेना, सिंचाई विभाग के एसई मनोज जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


जिला कलक्टर ने कहा कि उदयपुर झीलों को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। परिवहन विभाग पेट्रोल-डीजल चालित नावों को नए लाइसेंस जारी न करें वहीं वर्तमान में संचालित नावों को बंद करवाया जाए। नगर निगम आयुक्त ने अवगत कराया कि बड़ी होटल्स को नोटिस जारी कर पेट्रोल-डीजल चालित नावें बंद करने को कहा गया है। इस पर जिला कलक्टर ने कहा कि जो भी नोटिस की पालना नहीं करें उनकी नावों को सीज़ करने की कार्रवाई की जाए। बैठक में नावों के वार्षिक शुल्क की दर का नवीनीकरण, रूट निर्धारण, सूर्यास्त पश्चात संचालन आदि बिंदुओं पर चर्चा करते हुए जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि नियमों के अनुसार ही सारी कार्यवाही की जाए। सोलर संचालित डबल डेकर क्रूज को ट्रायल हेतु नियमानुसार अनुमति प्रदान करने, होटलों में शादी-समारोहों में नावों के उपयोग पर शुल्क निर्धारण, झील किनारे पिंक टायलेट निर्माण पर भी चर्चा की गई। लेक पेट्रोलिंग की आवश्यकता को देखते हुए प्रशिक्षित होमगार्ड्स की नियुक्ति एवं उन्हे पेट्रोलिंग बोट सहित अन्य आवश्यक उपकरण प्रदान करने पर भी विचार विमर्श किया गया।


मत्स्य ठेकों पर उचित कार्यवाही पर चर्चा
पीछोला, फतहसागर एवं बड़ी झील में मत्स्य ठेकों को बंद करने के मुद्दे पर बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। झील संरक्षण से जुड़े लोगों की आपत्ति एवं मत्स्य पालन बंद होने की स्थिति में मछलियों की आबादी में तेजी से वृद्धि की आशंका को देखते हुए उचित हल निकालने पर राय बनी। जिला कलक्टर ने मत्स्य विभाग के अधिकारियों को आंशिक मत्स्याखेट ठेके देने पर विचार करने को कहा।

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