अभिनेता इमरान हाशमी ने हाल ही में अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर को याद करते हुए भावुक खुलासा किया। उन्होंने बताया कि साल 2014 की एक दोपहर ने उनकी पूरी दुनिया बदल दी, जब उनके छोटे बेटे अयान को कैंसर डायग्नोस हुआ। इमरान के मुताबिक, बीमारी के शुरुआती संकेत तब मिले जब बेटे के यूरीन में खून दिखाई दिया और इसके बाद अगले 12 घंटे उनकी जिंदगी के सबसे डरावने घंटे बन गए।
एक इंटरव्यू में इमरान हाशमी ने कहा कि बेटे की बीमारी के बाद उनकी जिंदगी से स्टारडम, सक्सेस और शोहरत जैसे शब्द गायब हो गए। उस वक्त उनका पूरा फोकस सिर्फ एक ही चीज पर था—अपने बच्चे को बचाना। अस्पताल के चक्कर, डॉक्टरों की अपॉइंटमेंट और इलाज ही उनकी रोजमर्रा की जिंदगी बन गई थी।
इमरान ने बताया कि यह जंग करीब पांच साल तक चली, जिसे पूरा परिवार हर दिन हिम्मत और उम्मीद के साथ लड़ता रहा। उन्होंने कहा कि यह ऐसा दर्द था जिसे किसी फिल्म की स्क्रिप्ट भी पूरी तरह बयां नहीं कर सकती। राहत की बात यह है कि अब उनका बेटा पूरी तरह ठीक है और स्वस्थ जीवन जी रहा है।
इस अनुभव ने इमरान हाशमी को न सिर्फ एक बेहतर इंसान बनाया, बल्कि जिंदगी को देखने का उनका नजरिया भी पूरी तरह बदल दिया।
Also Read: पहचान छुपाकर शादी और धर्म परिवर्तन का दबाव: गुरुग्राम में महिला के साथ धोखाधड़ी का मामला
