Wednesday, May 13, 2026
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आखिर सुधांशु त्रिवेदी ने ऐसा क्या कहा, जिससे दिग्विजय और अमित शाह में हो गई तकरार

राज्यसभा में वक्फ बिल पर बहस: भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने अपना पक्ष रखा, तो विपक्षी सांसदों ने शुरू की तीखी आलोचना।

गुरुवार रात राज्यसभा में वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान माहौल गर्म हो गया, जब भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने अपनी बात रखनी शुरू की। उनके बयान पर विपक्षी सांसदों ने कड़ी आपत्ति जताई और उनकी टिप्पणी को संसद की कार्यवाही से हटाने (एक्सपंज) की मांग कर दी।

इसी बीच, कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह और गृह मंत्री अमित शाह के बीच तीखी बहस छिड़ गई। दिग्विजय सिंह ने सुधांशु त्रिवेदी के बयान पर आपत्ति जताई, जिस पर अमित शाह ने जोरदार पलटवार किया।

सुधांशु त्रिवेदी ने वक्फ संपत्तियों और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधित्व पर सरकार की नीति का बचाव करते हुए कहा,
हमारी सरकार ने पहली बार मुस्लिम समाज के सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का काम किया है। ताजमहल पर भी वक्फ ने दावा किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शाहजहां के समय का फरमान लाकर दिखाइए, जिसमें ताजमहल को वक्फ किया गया हो।

राज्यसभा में गरमा गई बहस: सुधांशु त्रिवेदी के बयान पर हंगामा, अमित शाह ने किया पलटवार

जहां-जहां खुदा है, वहां-वहां भगवान है – सुधांशु त्रिवेदी का तंज
राज्यसभा में वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कटाक्ष करते हुए कहा, जहां-जहां खुदा है, वहां-वहां भगवान है। बाकी आप सभी बुद्धिमान हैं। उनके इस बयान से सदन का माहौल गर्मा गया।

इरशत जहां, अतीक, मुख्तार का जिक्र आते ही बढ़ा विवाद

सुधांशु त्रिवेदी ने अपने संबोधन में इरशत जहां, अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी का नाम लिया और कहा कि ये लोग आज उन्हीं के साथ खड़े हैं। इस पर एनसीपी (शरद पवार) सांसद फौजिया खान ने कड़ी आपत्ति जताई और बयान को कार्यवाही से हटाने (एक्सपंज) की मांग की। उन्होंने कहा कि यह पूरे मुस्लिम समाज के लिए अपमानजनक है।

सभापति जगदीप धनखड़ ने स्थिति को शांत करने की कोशिश करते हुए कहा, “फौजिया जी, पहले पूरी बात सुन लीजिए, फिर संदर्भ समझ आएगा।” इसी दौरान कांग्रेस सांसदों ने भी विरोध शुरू कर दिया। जिस पर सुधांशु त्रिवेदी ने जवाब दिया, “आपने उड़ता तीर क्यों ले लिया?”

अमित शाह ने संभाला मोर्चा

सभापति स्थिति संभाल ही रहे थे कि गृह मंत्री अमित शाह ने दखल दिया। उन्होंने कहा, सुधांशु जी ने इंडी अलायंस को लेकर बात की है। इशरत जहां को एनसीपी ने इनाम दिया और शहीद बताया था।

अमित शाह ने आगे कहा,
1 अतीक अहमद किस पार्टी से जुड़ा था? इंडी अलायंस।
2 मुख्तार अंसारी किसके साथ था? इंडी अलायंस।
3 ये सारे नाम इंडी अलायंस से जुड़े हुए थे।

याकूब मेमन और अब्दुल कलाम के जनाजे पर सवाल

सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा, याकूब मेमन के जनाजे में लाखों लोग गए, लेकिन अब्दुल कलाम के जनाजे में कितने लोग गए? उन्होंने विपक्ष पर आतंकियों का महिमामंडन करने का आरोप लगाया।

26/11 में संघ का हाथ? अमित शाह ने दिग्विजय से मांगा जवाब

संसद में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने विरोध जताया, जिस पर अमित शाह ने उन्हें चुनौती दी कि वह साफ कहें कि उन्होंने कभी 26/11 हमले में संघ के शामिल होने की बात नहीं की।

इस पर दिग्विजय सिंह ने सफाई दी, मैं इस बात का खंडन करता हूं।

हर जगह मुझे ही देखते हैं” – अमित शाह का तंज

बात आगे बढ़ते-बढ़ते गुजरात दंगों तक पहुंच गई। दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाया कि गुजरात दंगों में अमित शाह की क्या भूमिका थी?

इस पर अमित शाह ने करारा जवाब दिया,
जब दंगे हुए, उसके 18 महीने बाद मैं गृह मंत्री बना था। इन्हें मेरा हौवा ऐसा दिखता है कि हर जगह मैं ही नजर आता हूं!

आंधियों में भी चिराग जलाए हैं” – सुधांशु त्रिवेदी का समापन

सुधांशु त्रिवेदी ने रामप्रसाद बिस्मिल की पंक्तियों के साथ अपना भाषण खत्म किया,
हमने आंधियों में भी चिराग अक्सर जलाए हैं।

इस पूरे घटनाक्रम ने राज्यसभा में वक्फ बिल पर चर्चा को विवादास्पद बना दिया और पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई।

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