Monday, April 27, 2026
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राम मंदिर के मूर्तिकार अरुण योगीराज निर्मित राजस्थान की प्रथम श्री चारभुजा नाथ प्रतिमा का घोड़च में भव्य स्वागत

श्री चारभुजा नाथ मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव एवं मूर्ति स्थापना 2026′ का भव्य आयोजन 08 मई से 14 मई 2026

घोड़च, 27 अप्रैल। कर्नाटक (मैसूर) से पधारी ठाकुर जी श्री चारभुजा नाथ की दिव्य प्रतिमा का सोमवार को घोड़च गांव में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ भव्य स्वागत किया गया। प्रतिमा के गांव में आगमन के साथ ही पूरे क्षेत्र में धार्मिक एवं उत्सवपूर्ण वातावरण बन गया।
प्रतिमा को लेकर आई बस के गांव पहुंचते ही घोड़ाघाटी चौराहे से घोड़च गांव तक एक विशाल एवं भव्य जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए ठाकुर जी की प्रतिमा के साथ पूरे गांव में भ्रमण करते रहे।
जुलूस के दौरान गांव में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर ठाकुर जी का स्वागत किया गया। ग्रामीणों ने अपने घरों एवं मार्गों को आकर्षक रूप से सजाकर श्रद्धा व्यक्त की। पूरे गांव में धार्मिक उल्लास और भक्ति का वातावरण देखने को मिला।

इस अवसर पर विशेष आकर्षण का केंद्र रही श्री चारभुजा नाथ की दिव्य प्रतिमा, जिसका निर्माण देश के सुप्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज द्वारा किया गया है। उल्लेखनीय है कि अरुण योगीराज वही मूर्तिकार हैं, जिन्होंने अयोध्या के प्रभु श्रीराम मंदिर की मुख्य प्रतिमा का निर्माण कर देशभर में विशेष पहचान बनाई है। राजस्थान में उनके द्वारा निर्मित यह श्री चारभुजा नाथ की प्रथम प्रतिमा मानी जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह एवं गर्व का भाव देखा गया।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में भक्तों ने ठाकुर जी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा गांव की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। आयोजन को सफल बनाने में समस्त ग्रामवासियों एवं भक्तों का विशेष सहयोग रहा।

मेवाड़ की पावन धरा पर गूंजेगा ‘जय श्री चारभुजा’: घोड़च में होगा भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव

घोड़च, ​राजसमंद (राजस्थान)l मेवाड़ की ऐतिहासिक और भक्तिमयी धरा पर अरावली की पर्वतमालाओं के बीच बसे ग्राम घोड़च (तहसील देलवाड़ा) में भक्ति का एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। श्री एकलिंगनाथ जी की सानिध्यता वाले इस क्षेत्र में ‘श्री चारभुजा नाथ मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव एवं मूर्ति स्थापना 2026’ का भव्य आयोजन 08 मई से 14 मई 2026 तक किया जाएगा।
​इस महोत्सव की सबसे खास बात यह है कि भगवान श्री चारभुजा जी की नई प्रतिमा कर्नाटक के प्रसिद्ध मूर्तिकार श्री अरुण योगीराज जी (जिन्होंने अयोध्या में प्रभु श्री रामलला की प्रतिमा बनाई है) द्वारा निर्मित की गई है।

​कार्यक्रम की प्रमुख रूपरेखा

​श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ (07 मई):

महोत्सव का आध्यात्मिक आगाज़ 07 मई 2026 को सायं 8:00 बजे से होगा। पूज्य संत श्री ज्ञानानंद जी महाराज के मुखारविंद से भक्त भागवत अमृत का पान करेंगे।
​कलश यात्रा एवं मूर्ति आगमन (08 मई):

08 मई, शुक्रवार को प्रातः 8:00 बजे भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी और भगवान की प्रतिमा का ग्राम में भव्य स्वागत होगा।
​पंचकुण्डात्मक सप्तदिवसीय हरि हर महायज्ञ (08 मई):
शुक्रवार से ही सात दिवसीय पवित्र महायज्ञ का प्रारंभ होगा, जिससे पूरा वातावरण मंत्रोच्चार से गुंजायमान रहेगा।
​नगर भ्रमण (13 मई):

बुधवार, 13 मई को प्रातः 9:00 बजे भगवान चारभुजा नाथ नगर भ्रमण पर निकलेंगे, जहाँ ग्रामीण अपने आराध्य का पलक-पावड़े बिछाकर स्वागत करेंगे।
​विशाल भजन संध्या (13 मई):

13 मई की रात्रि 8:00 बजे सुप्रसिद्ध भजन गायक भगवत सुथार और तिलकेश सुथार भजनों की सरिता बहाएंगे। मंच संचालन परम गौ भक्त डालचंद जी कुमावत करेंगे।
​प्राण प्रतिष्ठा एवं मूर्ति स्थापना (14 मई):

महोत्सव के अंतिम दिन, 14 मई (गुरुवार) को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:18 बजे विधि-विधान के साथ मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।
​महाप्रसादी (भंडारा):

भक्तों के लिए 8 मई, 13 मई और 14 मई को सायं 5:00 बजे से विशाल महाप्रसादी का आयोजन रखा गया है।
​संतों का सानिध्य और आयोजक
​इस पावन अवसर पर संत श्री अवधेशानंद जी चैतन्य ब्रह्मचारी श्री महाराज (सूरज कुण्ड धाम मेवाड़), श्री 1008 दिगंबर श्री खुशाल भारती जी महाराज और संत श्री ज्ञानानंद जी महाराज का पावन सानिध्य प्राप्त होगा।
​आयोजक: समस्त ग्रामवासी, घोड़च (राजसमंद)

निवेदक: “करने वाले श्री चारभुजा जी, कराने वाले श्री चारभुजा जी”

​संपर्क सूत्र: 9022953615, 7073457921, 8107479731, 9680339251

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