- फतेहनगर नगरपालिका की खुली पोल: आपातकाल में हांफ गई कचरा गाड़ी, 112 की टीम बनी संकटमोचक!
- हिरावास के पास अज्ञात वाहन ने नंदी महाराज को कुचला, तमाशबीन बनी नगरपालिका के खिलाफ गोरक्षकों में उबाल!
- सड़क पर गोवंश का शव, सिस्टम फेल! दो घंटे बाद पहुंची खराब गाड़ी
फतेहनगर-सनवाड़ क्षेत्र (उदयपुर–चित्तौड़गढ़ हाईवे)। उदयपुर–चित्तौड़गढ़ हाईवे पर स्थित हिरावास के पास आज शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। करीब 8 बजे एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने एक गोवंश (नंदी महाराज) को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि मृत गोवंश हाईवे के बीचों-बीच पड़ा रहा, जिससे वहां से गुजरने वाले वाहनों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया और किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रही।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय गोरक्षकों ने तत्परता दिखाते हुए इसकी सूचना तुरंत नगरपालिका प्रशासन को दी। लेकिन हमेशा की तरह प्रशासन की ओर से समय पर कोई संतोषजनक कदम नहीं उठाया गया। हाईवे पर बढ़ते खतरे और जाम की स्थिति को देखते हुए गोरक्षकों ने खुद कमान संभाली और कड़ी मशक्कत के बाद मृत गोवंश को सड़क के बीच से हटाकर एक किनारे किया।
पुलिस की मुस्तैदी और नगरपालिका का ‘खटारा’ सिस्टम
इसी बीच सूचना मिलते ही 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने स्थिति की गंभीरता को समझा और तुरंत वाहन की व्यवस्था में जुट गए। हादसे के करीब दो घंटे बीत जाने के बाद नगरपालिका की कचरा गाड़ी मौके पर पहुंची तो सही, लेकिन सिस्टम की लाचारी साफ नजर आई। गाड़ी में तकनीकी खराबी (खटारा स्थिति) होने के कारण मृत गोवंश को उससे उठाया ही नहीं जा सका।
आखिरकार हाइड्रा मशीन से हटा शव
जब नगरपालिका का वाहन फेल हो गया, तो 112 की पुलिस टीम ने अपने स्तर पर प्रयास तेज किए। पुलिस ने तुरंत मौके पर एक निजी हाइड्रा मशीन को बुलवाया। इसके बाद जाकर मृत नंदी महाराज के शव को हाईवे से पूरी तरह हटवाया गया, तब कहीं जाकर प्रशासन और राहगीरों ने राहत की सांस ली।
जनता का सवाल: कब सुधरेगा सिस्टम?
इस पूरी घटना ने स्थानीय नगरपालिका की कार्यप्रणाली और उनकी तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। आपातकालीन परिस्थितियों के लिए रखे गए वाहनों की मेंटेनेंस न होना और अधिकारियों का ढुलमुल रवैया क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों और गोरक्षकों ने मांग की है कि संबंधित उच्च अधिकारी इस लापरवाही का संज्ञान लें और व्यवस्थाओं में तुरंत सुधार करें, ताकि भविष्य में बेजुबान पशुओं और आम जनता को ऐसे सिस्टम के कारण परेशान न होना पड़े
