नई दिल्ली। भारत की सरकारी दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने देश में कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए अपना नया सैटेलाइट फोन (Satellite Phone) लॉन्च कर दिया है। यह डिवाइस विशेष रूप से उन लोगों और क्षेत्रों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जहाँ पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क या तो बिल्कुल उपलब्ध नहीं हैं या फिर पूरी तरह से ठप हो चुके हैं।
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1. कीमत और उपलब्धता
BSNL के इस प्रीमियम और बेहद सुरक्षित सैटेलाइट फोन की कीमत टैक्स सहित 1,34,166 रुपये तय की गई है। हालांकि यह कीमत आम स्मार्टफोन की तुलना में काफी अधिक है, लेकिन दुर्गम और आपातकालीन परिस्थितियों में इसकी उपयोगिता को देखते हुए इसे एक जीवन रक्षक (Life-saving) डिवाइस माना जा रहा है।
2. क्या होता है सैटेलाइट फोन और यह कैसे काम करता है?
एक सामान्य मोबाइल फोन जमीन पर लगे मोबाइल टावरों (Terrestrial Towers) के जरिए सिग्नल पकड़ता है, जबकि सैटेलाइट फोन (या सैटफोन) सीधे अंतरिक्ष में चक्कर काट रहे उपग्रहों के नेटवर्क से जुड़ता है।
सीधा संपर्क: जब कोई यूजर इस फोन से कॉल करता है, तो डिवाइस सीधे आसमान में मौजूद सैटेलाइट को सिग्नल भेजता है।
ग्राउंड स्टेशन रिले: इसके बाद सैटेलाइट उस सिग्नल को नजदीकी ग्राउंड स्टेशन (अर्थ स्टेशन) पर भेजता है, जो टेलीकॉम नेटवर्क से जुड़ा होता है। इसके जरिए कॉल को गंतव्य तक पहुँचाया जाता है।
वैश्विक साझेदारी: BSNL ने इस सैटेलाइट-बेस्ड कनेक्टिविटी को सक्षम और मजबूत बनाने के लिए वैश्विक सैटेलाइट संचार प्रदाता कंपनी Inmarsat के साथ साझेदारी की है।
3. सैटेलाइट फोन की मुख्य विशेषताएं (Key Features)
रिमोट वॉयस कॉलिंग: बिना किसी मोबाइल नेटवर्क कवरेज वाले सुदूर इलाकों से भी सैटेलाइट के जरिए सीधे वॉयस कॉल करने की सुविधा।
SOS आपातकालीन सपोर्ट: किसी भी संकट या आपदा की स्थिति में तुरंत मदद के लिए इसमें एक विशेष SOS इमरजेंसी बटन दिया गया है।
दमदार बैटरी लाइफ: सुदूर और जंगली इलाकों में लंबे समय तक बने रहने के लिए इसे बेहद ताकतवर और लंबी चलने वाली बैटरी के साथ डिज़ाइन किया गया है।
मजबूत और टिकाऊ बनावट (Rugged Design): चुनौतीपूर्ण और प्रतिकूल मौसम/वातावरण (जैसे अत्यधिक ठंड, बारिश या पथरीले रास्ते) का सामना करने के लिए इसकी बॉडी को रग्ड और ड्यूरेबल बनाया गया है।
आपदा प्रबंधन में सहायक: प्राकृतिक आपदाओं (बाढ़, भूकंप, चक्रवात) के दौरान जब पारंपरिक नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर क्षतिग्रस्त हो जाता है, तब भी यह फोन पूरी तरह काम करता रहता है।
4. किन लोगों के लिए है यह उपयोगी?
यह सैटेलाइट फोन रोजमर्रा के स्मार्टफोन यूजर्स के लिए नहीं है। BSNL के मुताबिक, इसे उन लोगों और संगठनों के लिए तैयार किया गया है जिन्हें दुर्गम क्षेत्रों में भरोसेमंद संचार की सख्त जरूरत होती है:
रक्षा और सुरक्षा बल (Defence & Security Services)
आपातकालीन प्रतिक्रिया दल और आपदा प्रबंधन एजेंसियां (जैसे NDRF)
समुद्री कर्मचारी और नाविक (Maritime Operators)
सुदूर क्षेत्रों में काम करने वाले वैज्ञानिक और खनन/औद्योगिक टीमें (Mining Workers)
साहसिक यात्रा पर निकलने वाले ट्रैकर्स (Adventure Travellers) और दुर्गम धार्मिक स्थलों (जैसे अमरनाथ, मानसरोवर) की यात्रा करने वाले तीर्थयात्री।
महत्वपूर्ण नियम- क्या खरीदने के लिए मंजूरी की आवश्यकता है?
भारत में सुरक्षा कारणों से सैटेलाइट फोन का उपयोग और बिक्री बेहद कड़े नियमों के अधीन है। BSNL ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति या संस्था को इसे खरीदने या संचालित करने से पहले भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT – Department of Telecommunications) से स्पष्ट और लिखित मंजूरी (Authorisation) लेनी अनिवार्य होगी। बिना वैध अनुमति के सैटेलाइट फोन रखना या इस्तेमाल करना कानूनी अपराध है और इसके लिए सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
BSNL का बड़ा नेटवर्क विस्तार प्लान
सैटेलाइट फोन की इस लॉन्चिंग के साथ ही BSNL देश में अपने बुनियादी नेटवर्क को भी तेजी से मजबूत कर रहा है। कंपनी ने हाल ही में घोषणा की है कि उसने अपने राष्ट्रव्यापी नेटवर्क विस्तार कार्यक्रम के तहत पूरे भारत में लगभग 99,000 नए 4G साइट्स (मोबाइल टावर) चालू कर दिए हैं, जिससे आने वाले समय में आम उपभोक्ताओं को भी शानदार कनेक्टिविटी मिलेगी।
