उदयपुर/जयपुर: राजस्थान में जल्द होने वाले नगर निकाय चुनावों (नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिका) को लेकर राजनीतिक दलों में सरगर्मी तेज हो गई है। चुनावों की आहट के साथ ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उदयपुर संभाग में अपनी चुनावी बिसात बिछाते हुए ‘चुनावी कप्तानों’ की फौज मैदान में उतार दी है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देशानुसार, उदयपुर संभाग के सभी 28 स्थानीय निकायों के लिए निकाय प्रभारियों के नामों का ऐलान कर दिया गया है। प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी श्रवण सिंह बगड़ी द्वारा जारी इस सूची में पूर्व सांसदों, वरिष्ठ विधायकों और संगठन के माहिर नेताओं को सीधी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
निकाय चुनावों के लिए प्रमुख ‘चुनावी प्रभारी’
नगर निकाय चुनावों में अपने-अपने क्षेत्रों में जीत दर्ज कराने और टिकट वितरण से लेकर चुनावी रणनीति बनाने का पूरा जिम्मा इन प्रभारियों के कंधों पर होगा:
- उदयपुर नगर निगम: संभाग के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण उदयपुर नगर निगम में पूर्व सांसद कनकमल कटारा को चुनावी कमान दी गई है।
- चित्तौड़गढ़ व निम्बाहेड़ा: चित्तौड़गढ़ नगर परिषद की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेता धर्मनारायण जोशी और निम्बाहेड़ा नगर परिषद की कमान रविन्द्र श्रीमाली को सौंपी गई है।
- राजसमंद नगर परिषद: यहाँ चुनावी जीत का ताना-बाना बुनने के लिए सुशील कटारा को प्रभारी बनाया गया है।
- डूंगरपुर व बांसवाड़ा: डूंगरपुर नगर परिषद में श्रीमती वंदना मीणा और बांसवाड़ा नगर परिषद में चुन्नीलाल गरासिया चुनावी मोर्चे की अगुवाई करेंगे।
- सलूम्बर व प्रतापगढ़: प्रतापगढ़ नगर परिषद का जिम्मा धनसिंह रावत को मिला है, वहीं नवनिर्मित सलूम्बर नगर परिषद में तख्त सिंह शक्तावत और अतुल चण्डालिया को संयुक्त प्रभारी बनाया गया है।
संभाग की नगरपालिकाओं के चुनावी प्रभारी:
| क्र. सं. | जिला | निकाय का नाम | निकाय चुनाव प्रभारी |
| 1 | उदयपुर देहात | फतेहनगर सनवाड़ | भंवर सिंह पंवार |
| 2 | उदयपुर देहात | मावली | खूबीलाल पालीवाल |
| 3 | उदयपुर देहात | कानौड़ | दीपक शर्मा |
| 4 | उदयपुर देहात | भिंडर | चन्द्रगुप्त सिंह चौहान |
| 5 | उदयपुर देहात | वल्लभनगर | नरेन्द्र सिंह आसोलिया |
| 6 | प्रतापगढ़ | धरियावद | जसपाल गुर्जर |
| 7 | प्रतापगढ़ | छोटी सादड़ी | गणपत सुथार |
| 8 | प्रतापगढ़ | अरनोद | बद्री जाट |
| 9 | राजसमंद | आमेट | नन्दलाल सिंघवी |
| 10 | राजसमंद | नाथद्वारा | अजय सोनी |
| 11 | राजसमंद | देवगढ़ | मदन सिंह चौहान |
| 12 | राजसमंद | भीम | विरेन्द्र पुरोहित |
| 13 | चित्तौड़गढ़ | बेगूं | अशोक नवलखा |
| 14 | चित्तौड़गढ़ | रावतभाटा | ललित शारदा |
| 15 | चित्तौड़गढ़ | बड़ी सादड़ी | भूपेन्द्र सिंह सोलंकी |
| 16 | चित्तौड़गढ़ | कपायन | गब्बर सिंह अहीर |
| 17 | चित्तौड़गढ़ | आकोला | श्रवण सिंह राव |
| 18 | बांसवाड़ा | कुशलगढ़ | भगवत पुरी |
| 19 | बांसवाड़ा | परतापुरगढ़ी | देवेन्द्र कटारा |
| 20 | डूंगरपुर | सागवाड़ा | गोपीचन्द मीणा |
क्या होगी प्रभारियों की भूमिका?
निकाय चुनावों की घोषणा से ठीक पहले की गई इन नियुक्तियों का सीधा मकसद चुनाव प्रबंधन को मजबूत करना है। नियुक्त किए गए प्रभारियों के मुख्य कार्य रहेंगे:
- दावेदारों का पैनल तैयार करना: वार्ड स्तर पर जिताऊ और टिकाऊ उम्मीदवारों का चयन कर सूची प्रदेश नेतृत्व को भेजना।
- गुटबाजी पर लगाम: स्थानीय स्तर पर होने वाली अंदरूनी खींचतान को संभालना और सभी गुटों को एकजुट कर चुनाव मैदान में उतारना।
- चुनावी माहौल बनाना: बोर्ड और मेयर/अध्यक्ष पद की कुर्सी पर भाजपा का कब्जा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय मुद्दों पर आक्रामक रणनीति तैयार करना।
