सीनियर रिपोर्टर: श्रीमती भगवती जोशी
फतहनगर। नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही और अव्यवस्था का जीता-जागता उदाहरण इन दिनों फतहनगर–सनवाड़ नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 4 में देखने को मिल रहा है। यहां हालात ऐसे बन चुके हैं कि लोगों को अब झीलों का नजारा देखने के लिए उदयपुर जाने की जरूरत नहीं—वार्ड नंबर 4 की गलियों में ही जलभराव ने “झील सिटी” जैसी तस्वीर खड़ी कर दी है।
जलभराव से त्रस्त वार्ड 4 की जनता, बार-बार शिकायत के बाद भी नहीं समाधान—प्रशासन पर उठे सवाल”
फतहनगर नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा फतहनगर–सनवाड़ क्षेत्र के वार्ड नंबर 4 की जनता भुगत रही है। वार्ड में नालियों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है, जिसके चलते जगह-जगह गंदा पानी भरा हुआ है और पूरा क्षेत्र जलभराव की समस्या से जूझ रहा है।
स्थिति और गंभीर तब हो जाती है जब तहसील के सामने वाली रोड पर नगर पालिका की ओर से एक जगह खड्डा (गड्ढा) खुदवाया गया है, जो लंबे समय से खुला पड़ा हुआ है। इस खुले खड्डे के कारण बच्चों और मवेशियों के गिरने का लगातार खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कोई हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?
जनता में भारी आक्रोश:
वार्डवासियों का आरोप है कि उन्होंने कई बार प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लगातार अनदेखी के चलते लोगों में गहरा आक्रोश है।
विपक्ष का हमला:
विपक्षी प्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे पर प्रशासन को घेरते हुए कहा कि विकास के दावे सिर्फ कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी हकीकत पूरी तरह अलग है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? क्या हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार जागेंगे, या समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान किया जाएगा?
नगर पालिका की लापरवाही: फतहनगर के तिरुपति नगर में जलभराव, बीमारियों का बढ़ता खतरा
फतहनगर के तिरुपति नगर वार्ड 4 में जल निकासी की खराब व्यवस्था के कारण सड़कों और खाली प्लॉटों में गंदा पानी जमा हो गया है, जिससे ‘झील’ जैसे हालात बन गए हैं। इससे दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे मलेरिया-डेंगू का खतरा है।
गंदा पानी जमीन में रिसकर बोरवेल के पानी को भी दूषित कर रहा है, जिससे लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। बार-बार शिकायतों के बावजूद नगर पालिका कार्रवाई नहीं कर रही, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
वार्ड 4 में भेदभावपूर्ण विकास से आक्रोश: खाली प्लॉट्स में सड़कें, बसी बस्तियों में बदहाली
फतहनगर शहर के वार्ड नंबर 4 में विकास कार्यों को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। वार्डवासियों का कहना है कि जहां प्लॉटिंग (कटी हुई जमीन) हुई है, उन खाली कॉलोनियों में तो सड़कें बना दी गई हैं, लेकिन जहां लोग वर्षों से रह रहे हैं, वहां आज भी सड़क और नालियों की सुविधा नहीं है।
नालियों के अभाव के कारण पूरे क्षेत्र में जलभराव की समस्या बनी हुई है और जगह-जगह पानी जमा होकर तालाब जैसा रूप ले चुका है। इससे आमजन को आवागमन में परेशानी हो रही है और बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है।
बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और वे इसे भेदभावपूर्ण विकास बता रहे हैं।
कांग्रेस पार्षद नरेश जाट का आरोप—प्रशासन और ठेकेदारों की मिलीभगत से नहीं हुए काम
पिछले 5 वर्षों में नगर पालिका अध्यक्ष चुप रहीं
फतहनगर वार्ड नंबर 4 में जलभराव और अधूरी नालियों से हालात खराब हैं।
पार्षद नरेश जाट ने आरोप लगाया कि प्रशासन, ठेकेदारों और बीजेपी बोर्ड की मिलीभगत से टेंडर के बावजूद काम पूरे नहीं हुए। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में नगर पालिका अध्यक्ष भी चुप रहीं।
वार्ड नंबर 4 में विकास कार्यों की पोल: तिरुपति नगर से तहसील रोड तक जलभराव, निकासी व्यवस्था फेल
जगह-जगह गड्ढों में भरा पानी, नगर पालिका का दावा—जल्द जारी होंगे टेंडर
फतहनगर वार्ड नंबर 4 में जल निकासी व्यवस्था खराब होने से तिरुपति नगर और तहसील रोड पर नालियों का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों व गड्ढों में जमा हो रहा है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर पालिका द्वारा अस्थायी रूप से पानी खाली कराया जा रहा है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
अधिशासी अधिकारी छैल कुंवर के अनुसार, समस्या अब संज्ञान में आई है और इसके समाधान के लिए जल्द टेंडर जारी कर कार्य शुरू किया जाएगा। वहीं, स्थानीय लोगों को अब भी इस बात का इंतजार है कि कब तक इन समस्याओं का स्थायी समाधान हो पाएगा।
