– घनेन्द्र सिंह सरोहा
मुंबई। मोहन भागवत ने आरक्षण की पूंछ पर एक बार फिर पैर रख दिया है। नेशनल मीडिया ने इस बात को तवज्जो नहीं दी है। लेकिन कांग्रेस, सपा, बसपा आदि ने भागवत के बयान कि क्लिप को काटकर रख लिया है। अगले साल मार्च-अप्रैल में यूपी, पंजाब में होने वाले चुनाव के लिए।
मुंबई में 6 अगस्त को जैन जी और जैन एल्फा के साथ हुए कार्यक्रम में नौकरी और शिक्षा में आरक्षण के सवाल के जवाब में भागवत ने कहा कि जब तक समाज में छुआछुत है तबतक आरक्षण रहेगा। और जिन लोगों ने इसका लाभ ले लिया है उन्हें अपना दिल बड़ा कर इसे दे देना चाहिए। यानि कि छोड़ देना चाहिए। उन्होंने अपनी राय को और सपोर्ट देते हुए कहा कि अब यह बात इस समाज में भी उठने लगी है कि जिन्होंने इसका लाभ ले लिया है उन्हें इसे छोड़ देना चाहिए ताकि उसी समाज में दूसरे लोगों का इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि इस तरह की मांग कुछ राज्यों में भी उठने लगी है।
भागवत के इस बयान ने एक बार फिर से मोदी सरकार को सिरदर्द दे दिया है। भागवत का यह बयान भी ठीक उसी दिन आया जब मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कहा कि SC/ST के आरक्षण में कोई क्रीमी लेयर लागू नहीं है। क्रीमी लेयर सिर्फ ओबीसी और एसईबीसी के लिए है। यह भागवत के बयान के ठीक उलट है। जिसमें वे इनडायरेक्टिल क्रीमी लेयर की बात कर रहे हैं। लेकिन स्व विवेक पर। अपनी इच्छा पर। यानि SC/ST समाज का जो व्यक्ति उच्च सरकारी पद पर पहुंच गया है। उसके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी हो गई हो तो उसके बच्चों को इस आरक्षण का उपयोग नहीं करना चाहिए।
2015 में बिहार चुनाव में दिया आरक्षण समीक्षा का बयान
आरक्षण के मुद्दे पर भागवत 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव के समय भी बयान देकर भाजपा को मुसीबत में डाल चुके हैं। तब उन्होंने कहा था कि आरक्षण नीति की समीक्षा होनी चाहिए। बस फिर क्या था। महागठबंध जेडीयू, राजद, कांग्रेस ने इसे मुद्दा बना दिया। कि भाजपा और आरएसएस आऱक्षण को खत्म करना चाहती है। नतीजा यह रहा कि 243 सीटों की विधानसभा में भाजपा गठबंधन को मात्र 58 सीटें मिलीं जबकि महागठबंधन को 178.
2024 लोकसभा में विपक्षियों ने बनाई थी संविधान खतरे में है की हवा
अब बात कर लेते हैं दो साल पहले 2024 में हुए लोकसभा चुनाव की। भाजपा ने नारा दिया अबकि बार 400 पार। बस फिर क्या था। विपक्षी खासतौर पर कांग्रेस ने हवा बना दी कि भाजपा को 400 सीटें आ गई तो वह संविधान बदलकर आरक्षण समाप्त कर देगी। भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी नरेन्द्र मोद ने कई बार कहा कि SC/ST/OBC में आरक्षण खत्म नहीं होगा। संविधान की रक्षा होगी। लेकिन लोगों के दिमाग में विपक्षियों की बात बैठ गई। नतीजा यह रहा कि भाजपा बहुमत का आंकड़ा 272 भी पार नहीं कर पाई और उसे 240 तक ही सिमट कर रहना पड़ा।
इसलिए आरक्षण ऐसा जिन्न है जिसे कई बार हाथ जलवा चुकी भाजपा तो कम से कम नहीं छुना चाहती है। और यूं कह लीजिए कि कोई भी पार्टी इसे नहीं हाथ नहीं लगाना चाहती। लेकिन गाहे-बगाहे भागवत ऐसे बयान देकर भा्जपा की मुश्किलें खड़ी कर देते हैं।
आपका क्या कहना है SC/ST में क्रिमी लेयर होनी चाहिए। यानि कि परिवार का एक सदस्य जो उसका लाभ ले चुका है तो उसके बच्चों को यह नहीं मिलना चाहिए। और SC/ST समाज में ही ऐसे दूसरे परिवारों को इसका लाभ मिलना चाहिए जो कभी भी इसका लाभ नहीं उठा पाए हों। आपकी राय क्या है। कमेंट मेें जरूर बताईयेगा। मिलूंगा अगले विशलेषण में। क्या सरकार ऑनलाइन पेमेंट या QR Code से पेमेंट करने पर टेक्स लगाने जा रही है। बने रहियेगा। जय हिंद। जय भारत।
