सीनियर रिपोर्ट-श्रीमती भगवती जोशी
उदयपुर / फतहनगर। फतहनगर- सनवाड़ नगर पालिका चुनावों के लिए टिकटों के दावेदारों व आवेदनों पर चर्चा के सिलसिले में आयोजित की गई भारतीय जनता पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। मुख्य बैठक से पूर्व हुई अनौपचारिक चर्चा के दौरान भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षक के बीच जमकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते तीखी बहस, धक्का-मुक्की और हाथापाई तक पहुँच गई। इस बीच भाजपा मंडल अध्यक्ष नीतिन सेठिया ने उनपर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपो से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वे अपने कार्यकाल में हुए किसी भी तरह के कार्य की स्वतंत्र जांच के लिए तैयार हैं।
क्या है पूरा मामला?
नगर पालिका फतहनगर-सनवाड़ मंडल के संदर्भ में भाजपा पर्यवेक्षक एवं पूर्व जिलाध्यक्ष भंवरसिंह पंवार द्वारा केआरजी गार्डन में एक बैठक बुलाई गई थी। इससे पूर्व पर्यवेक्षक पंवार ने असंतुष्ट कार्यकर्ताओं के साथ निकुंज वाटिका में एक अनौपचारिक बैठक आयोजित की।
बैठक के दौरान भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं पूर्व मंडल अध्यक्ष मुन्नालाल लावटी ने पारदर्शी व स्वच्छ छवि वाले प्रत्याशियों को टिकट दिए जाने का मुद्दा उठाया। लावटी ने स्पष्ट कहा कि “भ्रष्टाचार की छवि वाले किसी भी व्यक्ति को टिकट नहीं दिया जाना चाहिए।”
विवादित बयान से भड़का कार्यकर्ताओं का गुस्सा
प्रत्यक्षदर्शियों एवं कार्यकर्ताओं के अनुसार, मुन्नालाल लावटी की इस बात पर भाजपा पर्यवेक्षक भंवरसिंह पंवार असहज हो गए और उन्होंने विवादित बयान दे दिया। आरोप है कि पंवार ने कहा— “जो पद पर बैठेगा, वह मलाई तो खाएगा ही। जाओ, जो बिगाड़ना है बिगाड़ लो!”
पर्यवेक्षक का यह गैर-जिम्मेदाराना बयान सुनते ही बैठक में मौजूद कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए। कार्यकर्ताओं ने पंवार के इस रवैये और बयान का कड़ा विरोध करते हुए उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धक्का-मुक्की और वीडियो वायरल
विवाद इतना बढ़ गया कि बैठक स्थल पर धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बन गई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में भी देखा जा सकता है कि दर्जनों कार्यकर्ता गुस्से में पर्यवेक्षक और नेताओं को घेरकर सवाल-जवाब कर रहे हैं और जमकर हंगामा हो रहा है। वीडियो में एक कार्यकर्ता चिल्लाते हुए कहता नजर आ रहा है कि कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की जा रही है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली बातें सुनी जा रही हैं। मौके पर मौजूद मावली से भाजपा प्रत्याशी कृष्ण गोपाल पालीवाल ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया।
मुझपर लगे भ्रष्टाचार के आरोप निराधार, किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार- नीतिन सेठिया
नगर पालिका क्षेत्र के भाजपा मंडल अध्यक्ष नितिन जी सेठिया पर लगे भ्रष्टाचार और टिकट बंटवारे से जुड़े आरोपों को लेकर पत्रकार भगवती जोशी ने उनसे खास बातचीत की। इस दौरान नितिन सेठिया ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया।
सवाल 1: आपके ऊपर भ्रष्टाचार, पट्टे जारी करने और पद का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं, इस पर आपका क्या कहना है? जवाब: यह आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। इनके पीछे न तो कोई ठोस तथ्य हैं और न ही कोई सच्चाई। मैं इन सभी आरोपों का खंडन करता हूं। मेरे 5 साल के कार्यकाल और जिम्मेदारियों के दौरान यदि किसी को भी कोई शंका है, तो संबंधित अधिकारियों या एजेंसियों से इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, मैं इसके लिए पूरी तरह तैयार हूं। आगामी चुनावों को देखते हुए राजनीतिक विद्वेष के तहत ये आरोप लगाए जा रहे हैं।
सवाल 2: पूर्व मंडल अध्यक्ष मुन्नालाल जी लावटी का आरोप है कि आप नगर निकाय चुनाव में किसी विशेष समाज (विशेषकर जैन समाज) को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं? जवाब: मुन्नालाल जी हमारे पूर्व मंडल अध्यक्ष हैं और यह उनकी निजी सोच हो सकती है। भारतीय जनता पार्टी में कोई एक व्यक्ति टिकट नहीं बांटता है, इसकी एक तय प्रक्रिया होती है। हर वार्ड में संयोजक और प्रभारी तीन से पांच नाम तय करते हैं, जिसके बाद जिला और प्रदेश स्तर की कमेटी मंथन करके फैसला लेती है। पार्टी में किसी समाज विशेष को लेकर राजनीति नहीं होती। हाल ही में जैन समाज को लेकर जो वीडियो जारी हुआ है। वह दुखद है। मैं इसकी पुरजोर शब्दों में निंदा करता हूं।
सवाल 3: भाजपा कार्यकर्ताओं और पूर्व नेताओं का यह भी आरोप है कि पर्यवेक्षक भंवर सिंह जी आपके प्रभाव में हैं और टिकट पहले से तय किए जा चुके हैं? जवाब: कोई किसी के प्रभाव में नहीं है। भंवर सिंह जी पार्टी के काफी पुराने कार्यकर्ता हैं और उनकी उम्र से भी ज्यादा समय से वह पार्टी में सेवा दे रहे हैं। वह कई बार जिलाध्यक्ष और प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके हैं। ऐसे वरिष्ठ नेता पर इस तरह के आरोप लगाना राजनीतिक विद्वेष का हिस्सा है।
सवाल 4: इन लगातार लग रहे आरोपों से पार्टी को हो रहे नुकसान पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है? जवाब: मैं व्यक्तिगत आरोपों का जवाब व्यक्तिगत स्तर पर नहीं देना चाहता। जनता सब समझदार है और वह तथ्यों, हमारे विकास कार्यों और काम के आधार पर निर्णय करेगी। जब चुनाव के नतीजे आएंगे, तो सब स्पष्ट हो जाएगा।
