जीवन कौशल शिक्षा से विद्यार्थियों में सकारात्मक परिवर्तन
उदयपुर, 10 मार्च। आयुक्त कार्यालय, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, उदयपुर में ‘नवादि समर्थ कौशल जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम’ के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन एवं विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संचालित जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा, उपलब्धियों का आकलन तथा आगामी कार्ययोजना पर चर्चा करना था।
अतिरिक्त आयुक्त प्रथम कृष्णपाल सिंह चौहान ने बताया कि जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम को संचालित हुए लगभग डेढ़ वर्ष पूर्ण हो चुका है। इस अवधि में विद्यार्थियों के जीवन कौशल में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है। वार्षिक मूल्यांकन प्रस्तुतीकरण के दौरान 21 प्रतिशत से बढ़कर 48 प्रतिशत तक प्रगति दर्ज की गई है। इसी आधार पर आगामी कार्ययोजना तैयार कर विद्यार्थियों के लिए कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
संभागीय आयुक्त सुश्री प्रज्ञा केवलरमानी ने कार्यक्रम की उपलब्धियों को भावनात्मक, संज्ञानात्मक तथा सामाजिक आयामों के आधार पर संकलित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 11 जीवन कौशल के आधार पर कार्यक्रम का सार तैयार किया जाए, जिसमें प्रत्येक जिले के विद्यार्थियों की सीख को सम्मिलित किया जाए। बैठक के दौरान डूंगरपुर जिले के विद्यार्थियों की “मेरी सीख” पुस्तिकाओं का अवलोकन कर उनकी सराहना भी की गई।
जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के आयुक्त कन्हैया लाल स्वामी ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए तीन वर्षीय जीवन कौशल शिक्षा पाठ्यक्रम को मुद्रित कर विद्यालयों और छात्रावासों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रम की दीर्घकालिक स्थिरता और विस्तार को लेकर भी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।
बैठक में मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन की गवर्नमेंट पार्टनरशिप हेड (उत्तर भारत) सुश्री स्मिता शेंडये ने कार्यक्रम के अगले चरण की रणनीति और कार्ययोजना साझा की। डॉ. अमृता दाधीच ने राज्य में जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद दिनेश शर्मा और सुश्री डेचन डोल्मा ने कार्यक्रम के क्रियान्वयन, उपलब्धियों, चुनौतियों तथा आकलन से प्राप्त निष्कर्षों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. नीलिमा अग्रवाल, डीजीएम (राजस्थान), मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन की उपस्थिति में प्रधानाचार्यों, मास्टर ट्रेनर्स एवं शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का समापन प्रत्युष दास, क्षेत्रीय निदेशक (उत्तर भारत), मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर विभागीय अधिकारी, शिक्षाविद, प्रधानाचार्य, शिक्षक तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
