उदयपुर, 8 जून।आगामी मानसून और बारिश के मौसम को देखते हुए उदयपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक सोमवार को जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट मिनी सभागार में आयोजित की गई। बैठक में संभावित आपदाओं से निपटने और जल भराव की स्थिति को रोकने के लिए पुख्ता रणनीति तैयार की गई।
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पिछले अनुभवों से सबक: जल भराव वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर
बैठक के दौरान जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने पिछले वर्ष भारी बारिश के दौरान शहर और ग्रामीण इलाकों के जल भराव (Waterlogging) वाले क्षेत्रों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने उन संवेदनशील इलाकों में प्रशासन द्वारा एहतियातन किए गए कार्यों की प्रगति रिपोर्ट ली और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

कलेक्टर के कड़े निर्देश: जल्द साफ हों नाले और जल प्रवाह मार्ग
आमजन को बारिश के दिनों में किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए कलेक्टर ने नगर निगम और संबंधित विभागों को सख्त लहजे में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि:
- शहर के सभी छोटे-बड़े नालों और जल प्रवाह मार्गों (Water Channels) की सफाई का काम जल्द से जल्द, निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए।
- जल निकासी व्यवस्था में आ रही किसी भी बाधा को तुरंत दूर किया जाए।
- किसी भी आपात स्थिति या जलभराव की सूचना मिलने पर त्वरित राहत और बचाव कार्य (Rescue Operations) के लिए पुख्ता इंतजाम और संसाधन अभी से तैयार रखे जाएं।
बैठक में यह आला अधिकारी रहे मौजूद
आपदा प्रबंधन की इस उच्च स्तरीय बैठक में शहर और जिले के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:
- अभिषेक खन्ना (नगर निगम आयुक्त)
- दीपेंद्र सिंह राठौड़ (एडीएम प्रशासन)
- जितेंद्र ओझा (एडीएम सिटी)
- विरमाराम (सीईओ, जिला परिषद)
बैठक के अंत में जिला कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय (Coordination) के साथ काम करने और किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए ‘रिस्पॉन्स टाइम’ कम से कम रखने की हिदायत दी, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि और धनहानि को रोका जा सके।
