Thursday, March 19, 2026
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बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर सरकार गंभीर, उदयपुर के विकास को मिलेगी नई रफ्तार – प्रभारी मंत्री श्री हेमंत मीणा

उदयपुर, 19 मार्च। उदयपुर के प्रभारी मंत्री श्री हेमंत मीणा ने गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में राज्य सरकार की बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सरकार विकास कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में की गई अधिकांश बजट घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि हाल ही में प्रस्तुत बजट की घोषणाओं को भी शीघ्र ही क्रियान्वित किया जाएगा।

राजस्थान दिवस के अवसर पर जिला परिषद सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रभारी मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का फोकस केवल घोषणाएं करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा कर आमजन को उसका लाभ पहुंचाना प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि उदयपुर जिले में विकास कार्यों को नई गति दी जाएगी। प्रेस वार्ता के दौरान राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी, समाजसेवी गजपालसिंह एवं पुष्कर तेली भी उपस्थित रहे।


उदयपुर में आधारभूत ढांचे और पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार
प्रभारी मंत्री श्री मीणा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के नेतृत्व में राजस्थान सरकार प्रदेश के चहुमुखी विकास को लेकर संकल्पित है। वर्ष 2026-27 के बजट में उदयपुर जिले के लिए कई महत्वपूर्ण और दूरगामी घोषणाएं की गई हैं। इसमें उदयपुर में आधारभूत ढांचे की मजबूती, पर्यटन विकास, चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें मुख्य रूप से प्रतापनगर-बलीचा 4-लेन सड़क पर आयड़ नदी पर स्थित मौजूदा 2-लेन पुल को 4-लेन में विस्तारित किया जाएगा। स्टेट हाईवे-32 की क्रॉसिंग पर एक अंडर ब्रिज का निर्माण होगा। इस पूरी परियोजना पर 41 करोड़ खर्च होंगे। इसके अलावा भुवाणा चौराहे से अंबेरी फ्लाईओवर तक सड़क सुदृढ़ीकरण के लिए 38.50 करोड़ की घोषणा की गई है। गोगुंदा क्षेत्र में बनास और साबरमती नदी पर सुगम आवागमन के लिए विभिन्न पुलियाओं का निर्माण 10 करोड़ की लागत से किया जाएगा। ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में खेरवाड़ा में कानबई भोमटावर से झांझरी (गुजरात सीमा) तक 10 किमी सड़क के लिए 10 करोड़ और वल्लभनगर के डबोक में राष्ट्रीय राजमार्ग -48 से टांक तक सड़क के लिए 8 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। 2 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से जाबला से नैनबारा (2.5 किमी) – उदयपुर तक संपर्क सडक, रेलवे क्रॉसिंग एलसी-2सी डबोक मावली-कपासन (मावली) उदयपुर पर आरओबीध् आरयुबी की डीपीआर तैयार की जाएगी। इसके अलावा 2 करोड़ 95 लाख रुपये की लागत से हाईवे हाकड़ी नाल (काया) से आमदरी (चणबोरा)- उदयपुर तक सड़क निर्माण, 12 करोड़ रुपये की लागत से एनएच162ए से धारता वाया लदाना खेमपुरा तक सड़क चौड़ाईकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य भी बजट में शामिल किया है।


उदयपुर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या को देखते हुए जयपुर और कोटा की तर्ज पर पीपीपी मोड पर स्मार्ट पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। फतहसागर झील की प्रसिद्ध रानी रोड के कायाकल्प के लिए डीपीआर तैयार करने की घोषणा हुई है। इसके अलावा वल्लभनगर के भींडर में देवेला तालाब और गंभीर सागर झील के संरक्षण व सौंदर्यीकरण के लिए 4 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है।
चिकित्सा क्षेत्र में आरएनटी मेडिकल कॉलेज से जुड़े मुख्य अस्पताल में मरीजों के परिजनों के लिए अत्याधुनिक विश्राम गृह का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा महाराणा भूपाल अस्पताल में मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर भी स्थापित होगा। वहीं रिजनल कैंसर उपचार केंद्र के लिए पीपीपी मोड पर उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे। जनजाति क्षेत्र के विकास को लेकर भी सरकार संकल्पित है। इसके तहत कथौड़ी जनजातीय परिवारों को प्रतिमाह घी, तेल और दाल के लिए डीबीटी के माध्यम से 1200 रुपये दिए जाएंगे। माइनर फॉरेस्ट प्रोड्यूस प्रोसेसिंग सेंटर भी स्थापित होंगे। जनजातीय क्षेत्रों के किसानों की आय में वृद्धि के लिए कांगनी, कोदो, सांवा, कुटकी, चीना, रागी आदि माइनर मिलेट्स के 100 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रदर्शन आयोजित कर एक हजार कृषकों को लाभान्वित किया जायेगा।
इसके अलावा सूक्ष्म और लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उदयपुर संभाग मुख्यालय पर प्लग एंड प्ले सुविधा स्थापित की जाएगी। उदयपुर शहर में जल भराव की पुरानी समस्या के समाधान के लिए मास्टर ड्रेनेज प्लान और बाढ़ सुरक्षा कार्यों को बजट में प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन (शहरी) के दायरे को बढ़ाते हुए उदयपुर के मास्टर प्लान में शामिल पेरी-अर्बन क्षेत्र के गांवों में पेयजल बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा। केंद्रीय कारागृह उदयपुर के नवीन भवन का चरणबद्ध निर्माण और राजस्थान राज्य अभिलेखागार उदयपुर के नवीन भवन का निर्माण भी बजट प्रावधानों में शामिल है। उदयपुर में चिल्ड्रन होम की स्थापना, आईटीआई में मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हिकल ट्रेड की शुरूआत, मेनार में वेटलैंड के संरक्षण के लिए एकीकृत प्रबंधन योजना, ऑर्गेनिक फूड मार्केट की स्थापना जैसी घोषणाएं भी जिले को संबल देंगी। प्रभारी मंत्री ने कहा कि इसके अलावा भी दर्जनों कार्य बजट में शामिल किए गए हैं, जिनका जल्द से जल्द क्रियान्वयन होगा और आमजन इससे लाभान्वित होंगे। प्रभारी मंत्री मीणा ने कहा कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से उदयपुर जिले के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी और आमजन के जीवन स्तर में सुधार आएगा।

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