Wednesday, April 29, 2026
No menu items!
HomeHindi newsसलूम्बर व आसपास जिलों में वायरल प्रकोप पर सख्ती

सलूम्बर व आसपास जिलों में वायरल प्रकोप पर सख्ती

चिकित्सा व जल-विद्युत व्यवस्थाओं को लेकर संभागीय आयुक्त ने दिए निर्देश

उदयपुर, 28 अप्रैल।
उदयपुर संभाग के सलूम्बर व समीपवर्ती जिलों में वायरल संक्रमण के बढ़ते प्रकोप, तापघात एवं मौसमी बीमारियों से बचाव के साथ ही जल एवं विद्युत आपूर्ति की स्थिति को लेकर मंगलवार शाम 3 बजे संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में संभाग के सभी जिला कलक्टर, संभाग स्तरीय अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) उपस्थित रहे।

अतिरिक्त संभागीय आयुक्त सी.आर. देवासी ने बताया कि वायरल संक्रमण की रोकथाम के लिए क्षेत्र में एएनएम, आशा, आंगनवाड़ी एवं स्वच्छता कर्मियों के माध्यम से सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। छोटे बच्चों में प्रारंभिक लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सा परामर्श एवं उपचार सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने और मवेशियों के आसपास वेटरनरी डिसइंफेक्टेंट का छिड़काव करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने बताया कि उदयपुर रेफर होने वाले मरीजों के लिए विशेष मेडिकल टीम द्वारा निगरानी रखने तथा निजी अस्पतालों से समन्वय कर सैंपलिंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों एवं अंधविश्वास से बचते हुए अस्पतालों में उपचार कराने हेतु व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
संभाग के सभी अस्पतालों, सीएचसी एवं पीएचसी में पर्याप्त स्टाफ, पंखे, कूलर एवं एसी की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा मरीजों एवं परिजनों के लिए छाया, पानी एवं विश्राम की समुचित सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। ग्रामरथों एवं कलाजत्थों के माध्यम से स्वास्थ्य परामर्श का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

मच्छरों के प्रजनन स्थलों पर एंटी-वेक्टर छिड़काव तथा जल स्रोतों में आवश्यक रसायन डालने के निर्देश दिए गए हैं। तापघात को देखते हुए विद्यालयों, आंगनवाड़ी एवं मां-बाड़ी केंद्रों के समय में परिवर्तन करने के निर्देश भी दिए गए हैं। पोषाहार की गुणवत्ता की नियमित जांच, सभी सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे चिकित्सा सुविधा बनाए रखने तथा चिकित्सा कार्मिकों की मुख्यालय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

जल संकट से निपटने के लिए हैंडपंपों की नियमित मरम्मत, जरूरतमंद क्षेत्रों में पेयजल टैंकरों की व्यवस्था तथा ग्रीष्मकालीन आकस्मिक योजना को समय पर लागू करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा पशुओं के लिए पर्याप्त पानी व चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा लम्पी, एफएमडी व एचएस जैसी बीमारियों के टीकाकरण समय पर कराने और हीट स्ट्रोक से बचाव के उपाय करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular