चित्तौड़गढ़। राजस्थान के प्रसिद्ध भजन गायक गोकुल शर्मा, जिन्होंने अपने सांवलिया सेठ के भजनों से देश-विदेश में लाखों श्रद्धालुओं के दिलों में खास पहचान बनाई है, एक बार फिर अपनी अनूठी श्रद्धा को लेकर चर्चा में हैं। गोकुल शर्मा ने भगवान श्री सांवलिया सेठ को अपना “पार्टनर” मानते हुए मंदिर में चांदी से निर्मित हारमोनियम, ढोलक और माइक भेंट किए।
श्री सांवलिया सेठ मंदिर पहुंचने पर गोकुल शर्मा ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भगवान के चरणों में चांदी से बने ये विशेष वाद्य यंत्र अर्पित किए। इस दौरान मंदिर के पुजारी नितेश महाराज भी मौजूद रहे।

जो कुछ मिला, सांवलिया सेठ की कृपा से मिला
मंदिर परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए गोकुल शर्मा ने कहा कि उनके जीवन में मिली हर सफलता, लोकप्रियता और भजन यात्रा की पहचान भगवान सांवलिया सेठ की कृपा का ही परिणाम है। उन्होंने कहा कि इसी विश्वास के चलते उन्होंने सांवलिया सेठ को अपना “पार्टनर” माना है और यह भेंट उनके प्रति कृतज्ञता का एक छोटा-सा प्रयास है।
उन्होंने बताया कि चांदी से बने हारमोनियम, ढोलक और माइक का वजन आस्था के प्रतीक के रूप में सार्वजनिक नहीं किया गया है।

भजनों ने दिलाई देशभर में पहचान
गोकुल शर्मा आज राजस्थानी और सांवलिया सेठ के भजनों की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। उनके भजन धार्मिक आयोजनों से लेकर सोशल मीडिया तक लाखों श्रद्धालुओं के बीच लोकप्रिय हैं।
उनके चर्चित भजनों में ‘मारा सांवरिया सिरमोर’, ‘मेरी गाड़ी, मेरा बंगला सब तेरो सांवरिया सेठ’, ‘सांवलिया सेठ चारभुजा जी’ और ‘काला-काला चारभुजा जी’ जैसे भजन शामिल हैं, जिन्होंने उन्हें घर-घर तक पहचान दिलाई है।
श्रद्धालुओं में भी दिखा उत्साह
गोकुल शर्मा की इस अनूठी भेंट को देखने के लिए मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं में भी खास उत्साह देखने को मिला। भक्तों ने इसे भगवान सांवलिया सेठ के प्रति उनकी अटूट आस्था, समर्पण और कृतज्ञता का प्रतीक बताया।
गौरतलब है कि श्री सांवलिया सेठ मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां हर वर्ष लाखों भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में प्रसिद्ध भजन गायक गोकुल शर्मा की यह विशेष भेंट श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
