- नेताजी का रिपोर्ट कार्ड वार्ड 15
सीनियर रिपोर्टर- श्रीमती भगवती जोशी
फतेहनगर-सनवाड़ (उदयपुर)। उदयपुर जिले की फतहनगर-सनवाड़ नगर पालिका के वार्ड संख्या 15 की सड़कों और गलियों का हाल इन दिनों नरक से भी बदतर हो चुका है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है। क्षेत्र का मुख्य चंगेडी रोड और अंदरूनी गलियाँ पूरी तरह से बदहाल होकर हादसों की ‘कब्रगाह’ बन चुकी हैं। गलियों में बिछी टूटी-फूटी कंक्रीट सड़कों पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जिनमें नालियों का गंदा और काला पानी जमा होकर कीचड़ और भयानक बदबू फैला रहा है।
रहवासियों का आरोप है कि जहाँ एक ओर गरीब जनता अपने आशियाने के लिए पट्टों की गुहार लगाते-लगाते थक चुकी है और उन्हें पट्टे नहीं दिए जा रहे, वहीं आवारा कुत्तों के लिए धर्मशाला बना दी। वार्ड में स्वच्छता का नामोनिशान नहीं है; सड़कों के किनारे कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हैं, कंटीली झाड़ियाँ उग आई हैं और जनता के बीच खुलेआम सुअर मंडराते रहते हैं।
निकाय चुनावों के बीच फतेहनगर-सनवाड़ नगरपालिका का वार्ड नंबर 15 एक बार फिर सुर्खियों में है। पिछले पांच सालों में जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र के विकास के लिए कितना काम किया और जनता के कौन-कौन से दावे-वादे धरे के धरे रह गए, इसी की जमीनी हकीकत परखने हमारी टीम पहुंची ग्राउंड जीरो पर। वरिष्ठ पत्रकार भगवती जोशी ने वार्ड नंबर 15 की गलियों का दौरा कर सड़क, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। इस स्पेशल ग्राउंड रिपोर्ट के जरिए जानिए कि अपने नेताजी के कार्यकाल और वादों की पोल खोलते हुए वार्ड की जनता उन्हें विकास के मामले में आखिर कितने नंबर देती है!
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पेयजल तो छोड़ो ट्यूबवेल ही खोल कर ले गए, कचरे और आवारा पशुओं के बीच रहती जनता
वार्ड नंबर 15 में रिपोर्टिंग के दौरान स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले साल ठीक कराने के नाम पर ट्यूबवेल निकालकर ले जाया गया, जो अब तक वापस नहीं लगाया गया है और पेयजल व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित है। इसके अलावा, नालियों की नियमित सफाई न होने से कचरा जमा हो गया है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और बीमारियों का खतरा बना हुआ है। सीवर-गटर लाइन पर ढक्कन न होने से हादसों का डर बना रहता है—हाल ही में दो स्कूटी सवार लड़कियां इसमें गिरकर घायल हो चुकी हैं। स्थानीय महिला ने बताया कि आवारा व मृत पशुओं की बदबू और प्लॉटों में फेंके जा रहे कचरे से रहना मुश्किल हो गया है। 181 हेल्पलाइन, नगरपालिका शिविर और पार्षद से बार-बार शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे परेशान होकर जनता ने पार्षद के काम को 10 में से केवल 1 नंबर दिया है।
सामुदायिक भवन की जर्जर हालत और पट्टों के आवंटन का वादा भी झूठा साबित
निवासियों का आरोप है कि चुनाव जीतने के बाद पिछले 5 सालों में पार्षद दीपमाला चावड़ा ने वार्ड का दौरा तक नहीं किया और क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं हुआ। कॉलोनी में जगह-जगह नालों का गंदा पानी जमा है, जिससे भयानक बदबू और गंदगी फैल रही है, जिसके कारण लोगों का सांस लेना और खाना-पीना तक मुहाल हो चुका है। सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है; कचरा गाड़ी (कचरा टेम्पो) महीनों तक नहीं आती और सफाई कर्मी 15-20 दिनों में कभी-कभार ही दिखते हैं। इसके अलावा, सामुदायिक भवन की जर्जर हालत के सुधार और पट्टों के आवंटन का वादा भी झूठा साबित हुआ है। एक पीड़ित महिला (पेरी बाई) ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि पट्टे और योजना के नाम पर उनसे 4-5 हजार रुपये का खर्च करवा दिया गया, लेकिन आज तक पट्टा नहीं मिला। वहीं अन्य महिलाओं का कहना है कि राशन की कॉपियां तक काट दी गई हैं। शिकायतों पर अधिकारी और जनप्रतिनिधि केवल एक-दूसरे के पास चक्कर लगवाते हैं, जिससे हताश होकर जनता ने प्रशासन और पार्षद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मोक्ष धाम स्नान घर ही बना शमशान घाट, कुत्तों की मौज- बना दी सराय
फतेहनगर-सनवाड़: वार्ड नंबर 15 स्थित मोक्षधाम परिसर से रिपोर्टिंग के दौरान स्थानीय निवासियों ने नगरपालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की घोर उपेक्षा पर गहरा रोष जताया है। निवासियों ने दिखाया कि मोक्षधाम में जनता की सुविधा के लिए बनाया गया स्नानघर और सामुदायिक भवन सालों से जर्जर व खंडहर अवस्था में पड़ा है, जिसका चैनल गेट भी जंग लगने के कारण नहीं खुलता। इतना ही नहीं, सार्वजनिक उपयोग के लिए बने सामुदायिक भवन के एक हिस्से को ‘डॉग फीडिंग सेंटर’ बनाकर आवारा कुत्तों को खाना खिलाने का स्थान बना दिया गया है, जिससे वहां गंदगी और बदबू का आलम रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दाह संस्कार में आने वाले लोगों के पास बैठने या नहाने-धोने की कोई उचित व्यवस्था नहीं बची है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद न तो पार्षद ध्यान दे रहे हैं और न ही प्रशासन, जिससे त्रस्त होकर जनता ने इस बदहाली के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सवाल उठाए हैं।
कब्रगाह बना चंगेड़ी मुख्य मार्ग
फतेहनगर-सनवाड़: वार्ड नंबर 15 स्थित मुख्य चंगेड़ी मार्ग से ग्राउंड जीरो रिपोर्टिंग के दौरान स्थानीय निवासियों ने बदहाल सड़क और प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर कड़ा विरोध जताया। लोगों ने बताया कि श्मशान, गौशाला और आसपास के कई गांवों को फतेहनगर से जोड़ने वाली यह मुख्य सड़क पिछले 10-15 वर्षों से अत्यधिक जर्जर स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे होने के कारण आए दिन राहगीर व वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं और हादसों का शिकार बन रहे हैं। इसके अलावा, मवेशियों के पीने के पानी के लिए स्वीकृत पानी की टंकी पिछले 6 महीनों से ढांचा हल्का होने के कारण उखड़ी पड़ी है, जिस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के इस मार्ग से लगातार गुजरने तथा ऑनलाइन मंचों पर बार-बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद ट्रिपल इंजन सरकार और नगरपालिका प्रशासन गहरी नींद में सोए हुए हैं।
महिलाओं ने नालियों की बदहाली और जलापूर्ति पर जताया आक्रोश, पार्षद पर लगाए अनदेखी के आरोप
स्थानीय महिलाओं ने क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। महिलाओं का कहना है कि वार्ड में सफाई कर्मचारी नियमित रूप से नहीं आते हैं, जिसके कारण नालियां कचरों से पटी पड़ी हैं और उनसे लगातार दुर्गंध उठ रही है। मजबूरी में महिलाओं को खुद अपने हाथों से नालियों की सफाई करनी पड़ती है। इसके अलावा, पीने के पानी की भारी समस्या बनी हुई है; पिछले दो सालों से ट्यूबवेल खराब पड़ा है, जिसकी शिकायत के बाद भी कोई सुधार नहीं किया गया। महिलाओं का आरोप है कि समस्या लेकर जब भी पार्षद के पास जाते हैं तो वे बात सुनने के बजाय उलझने और लड़ने लगते हैं। पार्षद के इस रवैये और कार्यशैली से नाराज होकर महिलाओं ने उन्हें 10 में से शून्य अंक दिए हैं।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी सामुदायिक भवन हुआ जर्जर, बजट स्वीकृत होने के बाद भी कार्य न होने पर उठे सवाल
वार्ड नंबर 15 (जनता कॉलोनी) स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सामुदायिक भवन से ग्राउंड जीरो रिपोर्टिंग के दौरान स्थानीय निवासियों ने भवन की बदहाली और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। वर्ष 2005 में बने इस सामुदायिक भवन की छत व दीवारें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं और बारिश का पानी लगातार टपकता है, जिससे यहां संचालित आंगनवाड़ी केंद्र के बच्चों के लिए हर समय हादसों का खतरा बना रहता है। निवासियों का कहना है कि उन्होंने पिछले 10 वर्षों में कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से इसकी मरम्मत की गुहार लगाई। पार्षद दीपमाला चावड़ा पति विनोद चावड़ा और उप सभापति नितिन सेठिया ने मरम्मत व चारदीवारी निर्माण के लिए 15 से 20 लाख रुपये का बजट स्वीकृत होने की बात कही थी, लेकिन धरातल पर एक ईंट भी नहीं लगाई गई। बदहाल और खस्ताहाल भवन की स्थिति को देखते हुए आक्रोशित जनता अब सीधा सवाल उठा रही है कि अगर कार्य नहीं हुआ तो स्वीकृत हुआ सरकारी बजट आखिर कहाँ गया?
वार्ड 15 की पार्षद दीपमाला की सफाई-कहां मैने काम कराए हैं
फतेहनगर-सनवाड़: वार्ड नंबर 15 में सड़कों की बदहाली और विकास कार्यों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच वार्ड पार्षद दीपमाला ने अपनी सफाई पेश की है। पार्षद ने अपने कार्यकाल के दौरान कराए गए कार्यों का ब्योरा देते हुए बताया कि उन्होंने शिव शक्ति के पास सड़क का निर्माण, अखाड़ा मंदिर चौक का सौंदर्यीकरण, बोरिंग व ट्यूबवेल लगवाने और पात्र लोगों को पट्टे दिलाने जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य करवाए हैं। चंगेड़ी मार्ग की जर्जर हालत पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि सड़क लगभग 5 वर्ष पहले बनी थी जो बाद में क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन उन्होंने नगरपालिका की हर बोर्ड बैठक में इस मार्ग के पुनः निर्माण की मांग प्रमुखता से उठाई है। उन्होंने आगे बताया कि चंगेड़ी मार्ग के टेंडर जारी हो चुके हैं और अखाड़ा मंदिर के पास भवन निर्माण के लिए करीब 1 करोड़ रुपये की लागत से कार्य स्वीकृत हुआ है, जिसकी प्रक्रिया जारी है।
