दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही के निर्देश
उदयपुर, 15 अप्रैल। श्रम विभाग से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण टास्क फोर्स और समितियों की संयुक्त बैठकें बुधवार को जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल की अध्यक्षता तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव एडीजे कुलदीप शर्मा की उपस्थिति में आयोजित की गईं। इस दौरान भवन निर्माण श्रमिकों के कल्याण, बाल श्रम की रोकथाम और बंधक श्रमिक सतर्कता जैसे गंभीर विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा भविष्य के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।
तीन माह में 16 बच्चे मुक्त, दोषियों पर गिरेगी गाज
जिला बाल श्रम टास्क फोर्स की समीक्षा के दौरान संभागीय श्रम आयुक्त संकेत मोदी ने बताया कि मानव तस्करी विरोधी यूनिट ने जनवरी से मार्च 2026 के बीच 16 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया है। इस संबंध में 12 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं तथा 3 मामलों में न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जा चुका है।
जिला कलक्टर अग्रवाल ने शिक्षा विभाग से समन्वय करते हुए स्कूलों से ड्रॉपआउट बच्चों की सूचना तुरंत श्रम विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि संभावित बाल श्रम को रोका जा सके। साथ ही उन्होंने बाल श्रम करवाने वाले नियोजकों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में श्रम निरीक्षकों द्वारा अब तक 209 संस्थानों के नियोजकों से बाल श्रम नहीं करवाने संबंधी वचन पत्र भरवाए जाने की जानकारी दी गई।
91 हजार से अधिक निर्माण श्रमिकों को मिला लाभ
भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण टास्क फोर्स की बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक कुल 1,43,927 निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है। वर्ष 2025-26 में अब तक 91,518 पात्र श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया है। साथ ही 5,421 नए श्रमिकों का पंजीकरण भी किया गया है।
जिला कलक्टर ने राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम के तहत लंबित उपकर वसूली के प्रकरणों में शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जिले में कोई बंधक श्रमिक नहीं
बंधक श्रमिक सतर्कता समिति की बैठक में केंद्रीय क्षेत्र की बंधक श्रम योजना के तहत किए गए सर्वे की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। गोगुन्दा, वल्लभनगर, बड़गांव, कोटड़ा, मावली और खेरवाड़ा सहित विभिन्न उपखंडों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में जिले में कोई भी बंधक श्रमिक नहीं पाया गया है।
कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे उपखंड स्तरीय समितियों का पुनर्गठन करें तथा वर्ष में दो बार नियमित सर्वे सुनिश्चित करें। बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, बाल अधिकारिता विभाग और मानव तस्करी विरोधी यूनिट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
