फतहनगर, 19 जून। कस्बे के रेलवे स्टेशन के पीछे स्थित हीरावास रोड, नानेश कॉलोनी, महेश कॉलोनी सहित कई आवासीय क्षेत्रों में पिछले करीब एक माह से दूषित एवं कम दबाव वाले पेयजल की आपूर्ति से लोग परेशान हैं। नलों में गंदा, बदबूदार और रंग बदला हुआ पानी आने से क्षेत्रवासियों में रोष व्याप्त है तथा उन्हें पीने के पानी के लिए बाजार से पानी के कैंपर खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार समस्या लगातार बनी हुई है, लेकिन इसके समाधान के लिए अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि घरों में आने वाला पानी पीने योग्य तो दूर, कई बार सामान्य घरेलू उपयोग के लिए भी उपयुक्त नहीं रहता।
स्थानीय निवासी विष्णु पाराशर ने बताया कि नलों में कम दबाव से पानी आ रहा है और उसमें गंदगी के साथ तेज दुर्गंध भी रहती है। कई बार पानी का रंग पूरी तरह बदल जाता है, जिससे लोगों में स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं।
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जलजनित बीमारियों का बढ़ा खतरा
गर्मी और मानसून के मौसम को देखते हुए क्षेत्रवासियों ने जलजनित बीमारियों के फैलने की आशंका जताई है। दूषित पानी की आपूर्ति से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा बना हुआ है।
पाइपलाइन में लीकेज की आशंका
लोगों का मानना है कि पेयजल आपूर्ति लाइन में कहीं लीकेज या तकनीकी खराबी के कारण गंदा पानी सप्लाई लाइन में मिल रहा है। क्षेत्रवासियों ने जलदाय विभाग से संपूर्ण जलापूर्ति व्यवस्था की जांच कर दोष दूर करने की मांग की है।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुआ समाधान
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि समस्या को लेकर कई बार जलदाय विभाग के अधिकारियों को शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जलदाय विभाग से की ये मांगें
जलापूर्ति व्यवस्था की तत्काल तकनीकी जांच करवाई जाए।
मुख्य पाइप लाइनों का निरीक्षण कर लीकेज एवं खराबियों को दूर किया जाए।
स्वच्छ एवं पर्याप्त दबाव के साथ नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
आंदोलन की चेतावनी
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे सामूहिक रूप से जलदाय विभाग के खिलाफ धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
