सीनियर रिपोर्टर- श्रीमती भगवती जोशी
फतेहनगर-सनवाड, 17 जुलाई 2026. आगामी नगर पालिका चुनावों को वरिष्ठ पत्रकार श्रीमती भगवती जोशी के विशेष कार्यक्रम “नेताजी का रिपोर्ट कार्ड” के तहत वार्ड नंबर 13 का जमीनी सर्वे किया गया। इस दौरान सड़क, पानी, बिजली, सफाई, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट और अन्य मूलभूत सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया गया। रिपोर्ट का उद्देश्य पिछले पांच वर्षों में हुए विकास कार्यों और जनता की समस्याओं को निष्पक्ष रूप से सामने लाना है, ताकि मतदाता अपने वार्ड के विकास का सही आकलन कर सकें।
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वोट लेकर भूले वादा! 5 साल में सिर्फ 3 बार दिखीं पार्षद, जनता बोली– विकास नहीं, सिर्फ निराशा मिली”
वार्डवासियों का आरोप है कि चुनाव जीतने के बाद पार्षद ने वार्ड की सुध नहीं ली। लोगों का कहना है कि पिछले पाँच वर्षों में पार्षद केवल तीन बार ही वार्ड में आईं, जबकि चुनाव के समय उन्होंने घर-घर जाकर वोट मांगे थे। जनता का यह भी कहना है कि सड़क, नालियों, स्पीड ब्रेकर और सफाई जैसी मूलभूत समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं। नालियों में हमेशा पानी भरा रहता है और हाई टेंशन बिजली लाइन से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। वहीं, स्थानीय लोग वर्षों पुराने पेड़ों को कटवाने का विरोध करते हुए पेड़ों को सुरक्षित रखते हुए समस्या का समाधान करने की मांग कर रहे हैं।
महिलाओं का फूटा गुस्सा: वोट लेकर गायब हुईं पार्षद, 5 साल में एक बार भी नहीं आईं वार्ड”
वार्ड 13 की महिलाओं ने पार्षद के पांच वर्षीय कार्यकाल पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान वोट मांगने आई थीं, लेकिन जीत के बाद एक बार भी वार्ड की सुध लेने नहीं पहुंचीं। महिलाओं का कहना है कि वार्ड में नालियों की नियमित सफाई नहीं होती, कचरा उठाने वाली गाड़ी समय पर नहीं आती और चारों ओर मच्छरों का प्रकोप बना हुआ है। उनका कहना है कि वार्ड में कई समस्याएं हैं, लेकिन उन्हें सुनने वाला कोई नहीं है। पुरुष काम पर चले जाते हैं, ऐसे में महिलाएं अपनी शिकायत लेकर किसके पास जाएं, यह सबसे बड़ी परेशानी है। महिलाओं ने जनप्रतिनिधियों से वार्ड की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की।
“वोट लिए, फिर 5 साल मुड़कर नहीं देखा! भील-मेघवाल बस्ती में जनप्रतिनिधियों के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा”
भील और मेघवाल बस्ती की महिलाओं ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि वोट मांगने घर-घर पहुंचे, लेकिन जीत के बाद पूरे पांच साल बस्ती की सुध नहीं ली। उनका कहना है कि आज भी बस्ती पानी, नालियां, सड़क और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। कई बार नगर पालिका में शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। महिलाओं का कहना है, “जब वोट चाहिए तब याद आते हैं, बाकी पांच साल हमारी सुनने वाला कोई नहीं।”
वोट के बाद भूले जनप्रतिनिधि! वार्ड 13 की नालियां बनीं मुसीबत, घरों में घुस रहा गंदा पानी
वार्ड नंबर 13 में विकास के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। बदहाल नालियों के कारण गंदा पानी लोगों के घरों में घुस रहा है, जबकि बारिश में संकरी गलियां तालाब बन जाती हैं। मेघवाल और भील बस्ती के लोगों का कहना है कि वर्षों से शिकायतें करने के बावजूद न जनप्रतिनिधियों ने सुध ली, न ही नगर पालिका ने कोई ठोस समाधान किया।
181 पर शिकायत भी बेअसर! वार्ड 13 में छह महीने से खराब नल, सफाई गायब, विकास सिर्फ कागजों में
मनसापूर्ण महादेव जी कॉलोनी में पिछले 6–7 महीनों से नल खराब पड़ा है, जिससे पानी लगातार व्यर्थ बह रहा है। 181 पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। नियमित सफाई नहीं होने से कॉलोनीवासी परेशान हैं। स्थानीय महिलाओं का कहना है कि उन्होंने वार्ड पार्षद को कभी क्षेत्र में नहीं देखा। वहीं पार्क के लिए बजट स्वीकृत होने के बावजूद आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, जिससे विकास के दावों पर सवाल उठ रहे हैं।
कागजों में 20 विकास कार्यों का दावा, जमीनी हकीकत पर जनता ने उठाए सवाल
वार्ड 13 के पार्षद ने अपने पांच साल के कार्यकाल में सीसी सड़क, सामुदायिक भवन, बाउंड्रीवाल, ट्यूबवेल, स्ट्रीट लाइट, नाली निर्माण और अन्य करीब 20 विकास कार्य कराने का दावा किया है। लेकिन दूसरी ओर स्थानीय लोगों का आरोप है कि बदहाल नालियां, जलभराव, खराब नल, सफाई व्यवस्था और अधूरे कार्य आज भी उनकी परेशानी बने हुए हैं। महिलाओं का कहना है कि “वोट लेने के बाद पार्षद कभी वार्ड में दिखाई ही नहीं दिए।” ऐसे में विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर नजर आता है।
