- बहुमत में होने बावजूद भाजपा फतहनगर में अपना बोर्ड नहीं बना पाई
- फतहनगर में भाजपा के बागी चपलोत की पत्नी ममता चुनी गई अध्यक्ष
- मावली में भाजपा के राकेश मीणा बने अध्यक्ष
- सीनियर रिपोर्टर- श्रीमती भगवती जोशी
फतहनगर सनवाड़, 21 सितंबर। फतहनगर सनवाड़ नगर पालिका की नई अध्यक्ष ममता चपलोत होगी। वे भाजपा के बागी पार्षद राजेश चपलोत की पत्नी हैं। उन्हें निर्दलीय पर्चा भराया गया था। 25 वार्ड की नगर पालिका में ममता को 14 वोट मिले और उनकी प्रतिद्ंवदी भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी ममता सोनी को 11 वोट। यह उलट-फेर तब हुआ जब भाजपा 13 सीटों के साथ बहुमत में थी। लेकिन भाजपा पार्षद राजेश चपलोत के बागी होने के कारण एक उनका वोट कम हो गया और एक और भाजपा पार्षद ने क्रास वोटिंग की। इसके चलते कांग्रेस के 12 पार्षदों के साथ ममता को 14 वोट मिले।
इधर, मावली मे भी उलटफेर हो गया है। 20 वार्ड की मावली नगर पालिका में 10 पार्षद कांग्रेस के थे। लेकिन भाजपा ने एक निर्दलीय के समर्थन के चलते अपना बोर्ड बना लिया। यहां अध्यक्ष पद के लिए राकेश मीणा को चुना गया। यानी दोनों ही राजनीतिक दल कांग्रेस और भाजपा ने एक-दूसरे के यहां बहुमत का किला ढहा कर संबंधित नगर पालिका में अपनी सरकार बना ली।
इससे पहले, फतहनगर-सनवाड़ नगर पालिका के सामने आज दोपहर तक जमकर नारे बाजी और पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगे। कांग्रेस समर्थक नाराज थे कि भाजपा के बागी राजेश चपलोत और उनके सहयोगी पार्षद बाबूलाल चौपड़ा को पुलिस ने मतदान से पूर्व हिरासत में ले लिया था। इसके चलते कांग्रेस समर्थकों ने नगर पालिका के बाहर जमकर नारे बाजी की और इसे लोकतंत्र की हत्या बताया। हालांकि बाद में राजेश चपलोत और चौपड़ा ने अपने मताधिकार का उपयोग किया।
ठीक ऐसी ही उठा-पटक मावली में भी हुई। 20 वार्डों की नगर पालिका में बोर्ड बनाने के लिए कांग्रेस को सि्र्फ एक वोट चाहिए था। दस वोट उसके पास थे। एक निर्दलीय प्रत्याशी वार्ड 15 से जीता था। लेकिन कांग्रेस उसका समर्थन पाने में नाकामयाब रही।
💥 बगावत, बहुमत और कुर्सी का गणित
फतहनगर-सनवाड़ पालिका में अध्यक्ष का पद अनारक्षित महिला वर्ग के लिए आरक्षित है। 25 सीटों वाली इस पालिका में भाजपा के पास 13 और कांग्रेस के पास 12 पार्षद हैं। कागजों पर बहुमत भाजपा के पास होने के बावजूद, समीकरण तब पलट गए जब भाजपा के बागी पार्षद राजेश चपलोत ने अपनी पत्नी ममता चपलोत को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतार दिया। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए कांग्रेस ने ममता चपलोत को खुला समर्थन दे दिया, जिससे निर्दलीय प्रत्याशी के सिर चेयरमैन का ताज सजने की संभावनाएं मजबूत हो गईं और अंत में वे 14 वोट से जीत गई। इससे फतहनगर-सनवाड़ का चुनावी पासा पूरी तरह पलट गया।
🏛️ UDA नोटिस से पुलिस हिरासत तक: विवाद की पूरी क्रोनोलॉजी
- नामांकन और UDA की कार्रवाई: राजेश चपलोत द्वारा पत्नी की दावेदारी पेश करते ही उदयपुर विकास प्राधिकरण (UDA) ने उनके उदयपुर स्थित आवास को अवैध बताते हुए नोटिस जारी कर दिया।
- होटल पर कसता शिकंजा: इसके तुरंत बाद फतहनगर स्थित उनकी ‘देवीलीला पैलेस’ होटल को भी अवैध निर्माण का नोटिस थमा दिया गया, जिसे समर्थकों ने राजनीतिक द्वेष और मानसिक उत्पीड़न करार दिया।
- वोटिंग के दिन हिरासत: मतदान के दिन ही पार्षदों को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई ने स्थिति को और विस्फोटक बना दिया।
