फतहनगर/उदयपुर। फतहनगर-सनवाड़ नगरपालिका के अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान राजनीतिक पारा अपने चरम पर पहुँच गया है। मतदान प्रक्रिया के ऐन वक्त पर पुलिस ने भाजपा के पूर्व चेयरमैन व बागी पार्षद राजेश चपलोत और उनके सहयोगी पार्षद बाबूलाल चोपड़ा को हिरासत में ले लिया, जिससे पूरे प्रशासनिक और राजनीतिक तंत्र में हड़कंप मच गया है। इस कार्रवाई के विरोध में मावली विधायक पुष्कर लाल डांगी और ब्लॉक अध्यक्ष महेन्द्र सिंह की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं व पार्षदों ने सड़कों पर उतरकर जमकर नारेबाजी की और प्रशासन की इस कार्रवाई के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया।
💥 बगावत, बहुमत और कुर्सी का गणित
फतहनगर-सनवाड़ पालिका में अध्यक्ष का पद अनारक्षित महिला वर्ग के लिए आरक्षित है। 25 सीटों वाली इस पालिका में भाजपा के पास 13 और कांग्रेस के पास 12 पार्षद हैं। कागजों पर बहुमत भाजपा के पास होने के बावजूद, समीकरण तब पलट गए जब भाजपा के बागी पार्षद राजेश चपलोत ने अपनी पत्नी ममता चपलोत को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतार दिया। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए कांग्रेस ने ममता चपलोत को खुला समर्थन दे दिया, जिससे निर्दलीय प्रत्याशी के सिर चेयरमैन का ताज सजने की संभावनाएं मजबूत हो गईं और चुनावी पासा पूरी तरह पलट गया।
🏛️ UDA नोटिस से पुलिस हिरासत तक: विवाद की पूरी क्रोनोलॉजी
- नामांकन और UDA की कार्रवाई: राजेश चपलोत द्वारा पत्नी की दावेदारी पेश करते ही उदयपुर विकास प्राधिकरण (UDA) ने उनके उदयपुर स्थित आवास को अवैध बताते हुए नोटिस जारी कर दिया।
- होटल पर कसता शिकंजा: इसके तुरंत बाद फतहनगर स्थित उनकी ‘देवीलीला पैलेस’ होटल को भी अवैध निर्माण का नोटिस थमा दिया गया, जिसे समर्थकों ने राजनीतिक द्वेष और मानसिक उत्पीड़न करार दिया।
- वोटिंग के दिन हिरासत: मतदान के दिन ही पार्षदों को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई ने स्थिति को और विस्फोटक बना दिया है।
फिलहाल पालिका परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है तथा पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
