Wednesday, February 25, 2026
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कृषि विभाग अंतर्गत विभिन्न समितियों की समीक्षा बैठक आयोजित

  • त्रैमासिक प्रगति पर हुई चर्चा

उदयपुर, 24 फरवरी। जिला कलेक्ट्रेट मिनी सभागार में मंगलवार को जिला कलेक्टर नमित मेहता के निर्देशन में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर) जितेंद्र ओझा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कृषि समिति (डीएलएसी), आत्मा, उद्यान विभाग एवं अन्य कृषि योजनाओं से संबंधित विभिन्न समितियों की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में संचालित विभागीय फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति, वर्तमान रबी फसलों की स्थिति तथा विभिन्न कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान एडीएम ओझा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य एवं केंद्र सरकार की कृषि संबंधी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र किसानों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाया जाए। उन्होंने योजनाओं की स्वीकृतियों, लंबित प्रकरणों तथा लक्ष्य के मुकाबले उपलब्धियों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए प्रगति में तेजी लाने पर जोर दिया।

कृषि विभाग संयुक्त निदेशक सुधीर वर्मा ने जिले में गेहूं, चना, सरसों सहित अन्य रबी फसलों की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की। फसलों की बुवाई क्षेत्र, उत्पादन संभावनाओं तथा मौसम की स्थिति को लेकर भी चर्चा की गई। एडीएम ने किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

आत्मा (।ज्ड।) योजना के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों, किसान संगोष्ठियों एवं एक्सपोजर विजिट की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि किसानों को आधुनिक खेती पद्धतियों, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई, जैविक खेती तथा उद्यानिकी फसलों के विस्तार के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उद्यान विभाग की योजनाओं के तहत फलदार पौधों के वितरण, संरक्षित खेती (पॉलीहाउस/शेडनेट), नर्सरी विकास एवं सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने संबंधी कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा हुई।

एडीएम ने कहा कि कृषि जिले की अर्थव्यवस्था का प्रमुख घटक है इसलिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों से फील्ड विजिट बढ़ाने, समस्याओं का मौके पर समाधान करने तथा किसानों से सीधा संवाद स्थापित करने कृषि नवाचारों का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक कृषकों को जोड़ने एवं कृषि में रसायनों के दुष्प्रभावों को समाप्त करने के दृष्टिगत प्राकृतिक एवं परम्परागत गौ आधारित तकनीकों को अपनाने हेतु प्रेरित करने की बात कही। बैठक में कृषि, उद्यान, आत्मा एवं संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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