Tuesday, April 21, 2026
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आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्लास्टिक सर्जन्स ने रचा इतिहास

थ्रेशर मशीन हादसे में उखड़ी सिर की त्वचा को ‘ट्रांसपोज़िशन फ्लैप’ तकनीक से जोड़ा

उदयपुर, 20 अप्रैल। उदयपुर के आर.एन.टी. मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में प्लास्टिक सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। थ्रेशर मशीन की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हुए एक 40 वर्षीय मरीज के सिर की उखड़ी हुई त्वचा (स्कल्प एवल्शन) को उन्नत ‘ट्रांसपोज़िशन फ्लैप’ तकनीक के माध्यम से सफलतापूर्वक पुनः जोड़ा गया।

खेती के दौरान थ्रेशर मशीन से होने वाले हादसे प्रायः अत्यंत गंभीर होते हैं, जिनमें सिर की त्वचा पूरी तरह अलग हो जाती है। ऐसी स्थिति में संक्रमण का खतरा तथा मस्तिष्क की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती होती है। उदयपुर निवासी इस मरीज की स्थिति भी अत्यंत नाजुक थी, जिसके लिए त्वरित उपचार आवश्यक था।

प्लास्टिक एवं कॉस्मेटिक सर्जन डॉ. विकास चौधरी ने बताया कि इस जटिल मामले में ‘ट्रांसपोज़िशन फ्लैप’ तकनीक का उपयोग किया गया। इसके अंतर्गत घाव के समीप स्थित स्वस्थ ऊतकों को सावधानीपूर्वक प्रभावित स्थान पर स्थानांतरित किया गया। इस तकनीक की विशेषता यह है कि प्रभावित क्षेत्र में रक्त आपूर्ति निरंतर बनी रहती है, जिससे घाव शीघ्र भरता है तथा संतोषजनक सौंदर्य परिणाम प्राप्त होते हैं।

आर.एन.टी. मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. राहुल जैन ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि अब ऐसी अत्याधुनिक और महंगी प्लास्टिक सर्जरी की सुविधाएं सरकारी योजनाओं के अंतर्गत पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध हैं। इससे मरीजों को अहमदाबाद या दिल्ली जैसे बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी और आर्थिक बोझ में भी कमी आएगी।

इस सफल ऑपरेशन में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के मेडिकल अधीक्षक डॉ. विपिन माथुर का विशेष मार्गदर्शन रहा। सर्जरी टीम में विभागाध्यक्ष डॉ. विकास चौधरी के साथ एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. उदिता नैथानी, डॉ. खेमराज मीणा एवं सहयोगी स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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