उदयपुर, 6मई ।अग्नि सुरक्षा सप्ताह 2026 के अंतर्गत फायर मॉक ड्रिल एवं कोड रेड इवैक्यूएशन कार्यक्रम का सफल आयोजन 06 मई को महाविद्यालय परिसर में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन डीआरओएल के संस्थापक एवं रजिस्ट्रार (फायर सेफ्टी सिस्टम) के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ, जिसमें फायर एंड रेस्क्यू विभाग तथा सहयोगी टीमों का विशेष योगदान रहा।
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कार्यक्रम में महाविद्यालय के अधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, छात्र एवं अन्य कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित निकासी (इवैक्यूएशन) की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया, जिससे सभी प्रतिभागियों को वास्तविक स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया देने का प्रशिक्षण मिला।
विशेष प्रशिक्षण और जागरूकता पर जोर
अग्निशमन एवं बचाव विभाग की टीम द्वारा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में प्रारंभिक प्रतिक्रिया, फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग तथा सुरक्षित निकासी के तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण सत्र ने सभी में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया।

अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में सुरक्षा सर्वोपरि
इस अवसर पर डॉ. आर.एल. सुमन ने कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा मानकों का पालन प्रत्येक कर्मचारी का प्रथम दायित्व है। उन्होंने आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया बनाए रखने और नियमित अभ्यास की आवश्यकता पर बल दिया।
अधिकारियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में डॉ. संजीव टांक (उपाध्यक्ष), डॉ. अशोक बैरवा (विभागाध्यक्ष), श्री हुक्मी चंद मीणा (प्रशासनिक अधिकारी), श्री भटनागर, श्रीमती बीना चौधरी, श्रीमती गरासिया, श्रीमती रमिला आहारी, श्री अमीन खान एवं नर्सिंग अधीक्षक श्रीमती शाहिन बानो सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।
सफल संचालन
कार्यक्रम का संचालन ललित कुमार गंधर्व (प्रशिक्षण समन्वयक) द्वारा प्रभावी एवं सुव्यवस्थित रूप से किया गया।
उल्लेखनीय है कि यह आयोजन 04 मई से 10 मई 2026 तक मनाए जा रहे अग्नि सुरक्षा सप्ताह 2026 के अंतर्गत आयोजित गतिविधियों की श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य संस्थानों में सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देना और आपदा प्रबंधन के प्रति समग्र तैयारी सुनिश्चित करना है।
