- घनेन्द्र सिंह सरोहा
राहुल गांधी का अचानक अवतरित होना
नई दिल्ली। राहुल गांधी एक जगह टिक नहीं रहे हैं। एक मुद्दे से दूसरे मुद्दे पर उछल-कूद मचाते जा रहे हैं। हालांकि राहुल गांधी कभी मेरा विषय नही रहा है। ना कभी मैं उनपर लिखता या बोलता हूं क्योंकि मेरे लिए वे कभी गंभीर विषय रहे ही नहीं। लेकिन जिस तरह से उन्होंने अचानक कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के शुद्धिकरण का मुद्दा उठाया है। उससे मैं उनपर कुछ लाइन लिखने को विवश हो गया। हालांकि मैं आरक्षण पर लिखने जा रहा था। आरक्षण हटाओ आंदोलन यानि RHA का प्रतिनिधिमंडल अभी दो दिन पहले 26 और 27 अगस्त को केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिला था। इसके क्या मायने हैं। और यूपी चुनाव में इसका क्या असर होने जा रहा है। इसपर मैं लिखने जा ही रहा था कि अचानक राहुल गांधी वनमैन शो की तरह अवतरित हुए और मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित शुद्धीकरण का मुद्दा उठा दिया।
खड़गे के ‘शुद्धिकरण’ पर 21 दिन बाद जागी कांग्रेस
शुद्धीकरण की घटना 8 अगस्त की है। मुद्दा राहुल गांधी ने आज 21 दिन बाद अचानक उठा दिया। कांग्रेस और उसके वरिष्ठ नेता इस विषय पर कभी गंभीर नहीं रहे। यह खुद खड़गे ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मीटिंग में कहा। कि मेरी जातिगत बेज्जती हुई। कांग्रेस उनके साथ खड़ी ही नही हुई। और अब अचानक से राहुल गांधी खड़े हो गए हैं। राहुल गांधी के पिछले डेढ़ महीने के कर्मों पर नजर डालें तो आप पाएंगे कि यह बंदा एक जगह टिकता ही नहीं है। कभी इस डाल पर तो कभी उस डाल पर।
नीट आंदोलन और राहुल गांधी का दोहरा रवैया
20 दिन विदेश में नामालूम जगहों पर जाने के बाद जब यह 13 जुलाई को भारत लौटा तो तिलचट्टे जंतर-मंतर पर बैठे थे। मीडिया ने उनसे तिलचट्टों के नीट आंदोलन के बारे में पूछा। उन्होंने कहा नो कमेंट। जब 20 जुलाई को तिलचट्टों का आंदोलन उफान पर चड़ा तो क्रेडिट लेने के लिए भाईसाहब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के बाहर लेट गए। सीडब्ल्यूसी में प्रस्ताव यह पास किया कि हमारी वजह से सरकार शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने पर विवश हुई। प्रस्ताव में तिलचट्टों का जिक्र तक नहीं किया।
दिल्ली बनाम रांची: छात्र आंदोलनों पर दोहरा मापदंड
अब यह दोहरापन देखिए आप….दिल्ली में वे कथित तौर पर नीट छात्रों के लिए लड़े …लेकिन रांची के छात्र आंदोलन पर हुए लाठीचार्ज,आंसूगैस पर यही बोले कि शांतिपूर्ण आंदोलन करने वालों पर लाठी नहीं चलानी चाहिए। यानि छात्र आक्रोशित हो तो लाठीचार्ज रांची में जायज है। लेकिन दिल्ली में नहीं।
इथेनॉल E20, वंदे मातरम और ‘स्मेश दी पेट्रीयार्की’ का ड्रामा
खैर इस बीच केजरीवाल इथेनोल 20 का मुद्दा लेकर प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़े तो राहुल ने सोचा यह मौका भी मैं लपक लूं। अचानक एक गाड़ी के पेट्रोल टेंक का ढक्कन खोलते हुए वीडियो बना दिया। ताज्जुब की बात यह है कि ढक्कन पर ई 20 साफ लिखा हुआ था। यानि कि उस गाड़ी में इथेनोल 20 वाला् पेट्रोल भरा जा सकता है। फिर वंदे मातरम आ गया। CWC में प्रस्ताव पारित कर कहा कि कांग्रेस 2 स्टेन्जा से ज्यादा आगे नहीं गाएगी। 15 अगस्त के दिन वीडियो पर उनका व उनकी मां सोनिया गांधी का वंदे मातरम पर रिएक्शन जग जाहिर है। यह वीडियो वायरल हुआ और पूरे देश ने देखा। अब यह सब चल ही रहा था कि स्मेश दी पेट्रीयार्की आ गया। यानि देश में पितृसत्तात्मकता को खत्म करो। पूणे में आयोजित कार्यक्रम में राहुल ने मंच से कहा कि महिलाओं को अपने फैसले लेने में पिता, भाई या पुरूष दोस्त, रिश्तेदारों की बात नहीं सुननी चाहिए।
हल्द्वानी की घटना और SC/ST Act की मांग
अभी यह चल ही रहा था कि राहुल को अचानक कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे की कथित जातिगत बेज्जती याद आई। जो 21 दिन पहले उत्तराखंड के हल्दवानी शहर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के बाद कथित रुप से हुई थी रामलीला मैदान में आयोजित खड़गे की सभा के बाद कुछ लोगों ने वहां हवन कर जगह को शुद्ध किया था। हवन करने वालों ने बताया कि शुद्धीकरण किसी का अपमान करना नहीं था। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान सनातन संस्कृति और धार्मिक आयोजनों का केंद्र है। राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान इस मंच से विशेष धर्म से जुड़े नारे और टिप्पणियां की गईं जो इस स्थान की पवित्रता के अनुकूल नहीं थीं। मोदी सरकार ने भी मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की और जेपी नड्डा ने खड़गे को मामले की उचित जांच का आश्वासन भी दिया। लेकिन नहीं….आज अचानक राहुल अवतिरत हो गए। इस मुद्दे को लेकर। कहा कि शुद्धीकरण करने वालों के खिलाफ sc/st act में मुकदमा दर्ज हो।
360 डिग्री घूमते मुद्दे और सहयोगियों का असमंजस
अब इसको क्या कहें। आप सिलसिलेवार तरीके से देखिए। पहले नो कमेंट। फिर नीट आंदोलन में अलग से कूदना। फिर केजरीवाल के इथेनोल 20 के मुद्दे को लपके की असफल कोशिश करना। फिर वंदे मातरम को पूरा गाने से इनकार करना। फिर स्मेश दी पेट्रीयार्की और अब शुद्धीकरण। यानी डेढ़ महीने में राहुल गांधी ने हर 10 दिन में एक नया मुद्दा पकड़ लिया। कांग्रेस के राजनीतिक सहयोगियों और समीक्षकों का कहना है कि कोई इनके साथ खड़ा रहे तो कहां तक खड़ा रहे। इनका तो पता ही नहीं चलता कब किस विषय पर 360 डिग्री घूम जाएं और आप रह जाएं अकेले। खुद पार्टी अध्यक्ष खड़गे भुगत चुके हैं। बोल चुके हैं।
नड्डा की बैठक और आरक्षण कार्ड की टाइमिंग
अब सवाल यह आता है कि उन्होंने खड़गे का दलित और शुद्धीकरण का कार्ड आज ही क्यों खेला है। क्योंकि बीजेपी बीते दो-चार दिनों से इस कार्ड से खेल रही है। आरक्षण हटाओ आंदोलन करने वालों से जेपी नड्डा अभी दो दिन पहले मिले हैं। दो दिन चली वार्ता के बाद नड्डा ने बयान जारी कर कहा कि बातचीत अच्छी हई। और आगे भी होती रहेगी। “यह आगे भी होती रहेगी” के नड्डा के इस बयान को राहुल की टीम ने तुरंत लपक लिया । इधर, आरक्षण हटाओ वाले आंदोलनकारियों ने भी कहा कि उनकी मांगों पर सकारात्मक काम नहीं हुआ तो वे फिर से जंतर-मंतर पर बैठेंगे। और इससे पहले 7 सितंबर को प्रेस कांफ्रेंस करेंगे।
चिराग पासवान का बयान और राहुल गांधी का लपका दांव
साथियों यहां यह याद रखना जरूरी है कि एक हफ्ते बाद यानि 5 सितंबर को तिलचट्टों का दिल्ली कूच का भी ऐलान है। यानि सरकार को तिलचट्टे और आरक्षण हटाने वाले आरएचए दोनों से निपटना है। ऐसे में राहुल कहां चूकने वाले थे। क्योंकि इसी बीच एनडीए में सहयोगी चिराग पासवान के तेवर बदलते दिख रहे हैं उन्होंने आंखे तरेरते हुए कहा कि आरक्षण था। है और आगे भी रहेगा। उसकी समीक्षा तो दूर उसपर सोचा भी नहीं जा सकता। पासवान यहीं तक रुक जाते तो ठीक था। लेकिन वे आगे बढ़ गए। और बहुत आगे बढ़ गए। उन्होंने कहा कि खड़गे साहब जहां भी जाते हैं तो उस जगह का शुद्धीकरण किया जाता है। बस यहीं से बात फिसल गई। और आगे निकल गई। पासवान ने यह बयान कल रक्षाबंधन पर दिया था और राहुल ने आज यानि 29 अगस्त 2026 को उसे लपक लिया।
उपसंहार: यूपी इलेक्शन और चैनल सब्सक्राइब करने की अपील
खैर, यह वीडियो बड़ा हो जाएगा। आरक्षण के घमासान, उसमें कांग्रेस के कूदने और यूपी इलेक्शन पर इसके असर का वीडियो में जल्द ही लेकर आउंगा। रही बात राहुल की। तो आपको अंदाजा लग ही गया होगा कि अगले 10 दिन में वे किसी ओर मुद्दे को लपक रहे होंगे। आपको यह वीडियो कैसा लगा। ऐसी ही निष्पक्ष राजनीति समीक्षा और निडर आवाज को बनाए रखने के लिए कृपया चैनल को लाइक एवं सब्सक्राइब कीजिए। जय हिंद। जय हिन्दुस्थान।
