विशेष साक्षात्कार: खरताणा सरपंच पद के प्रबल दावेदार एवं पूर्व सरपंच गोपाल सिंह झाला से खास बातचीत
राजनीतिक संवाददाता- श्रीमती भगवती जोशी
- जल जीवन मिशन में टंकी बनवाई, हर घर नल पहुंचाया
- धनेरिया में हॉयर सैकंडरी स्कूल क्रमोन्नत कराया
- 300 कॉलोनी दिलाई, 360 और दिलाऊंगा
- कॉलोनी में 1 रु. का भ्रष्टाचार नहीं किया
- खरताणा के सभी 11 वार्ड में काम कराया
- “मैं सभी को साथ लेकर चलता हूं”
- किसानों के लिए सहकारी समिति खुलवाई
- महिलाओं के समूह बना, रोजगार दिलाया
- महिलाओं की और सरस की दो डेयरी खुलवाई
- विद्यालय को 12वीं तक कराया
- गांव के बच्चों को पुलिस, फौज की तैयारी
- श्मशान के लिए जमीन अधिग्रहण किया
- युवाओं के लिए खेल मैदान बनवाया
- युवाओं के लिए लाइब्रेरी खोली जाएगी
खरता्णा, 18 अक्टूबर। व्यक्ति के भीतर मौजूद इच्छाशक्ति ही उसे मंज़िल तक पहुँचाती है। जो व्यक्ति राह में आने वाली कठिनाइयों को मंज़िल तक पहुँचने का माध्यम मानकर आगे बढ़ता है, वही जीवन में सफलता की ऊँचाइयों का सफर तय कर पाता है। व्यक्ति का काम ही उसे नाम और पहचान देता है। आज से 17 वर्ष पूर्व मुंबई से राजस्थान आए और प्रथम चुनाव में पूर्व सरपंच जाट के सामने खड़े हुए और द्वितीय स्थान पर रहे। फिर पुनः सरपंच पद पर चुनाव लड़े और विजयी बने। ‘जिसने दिया काम को मान, मंझधार उनसे नहीं अनजान’ कहावत को चरितार्थ करते हुए अपने इस कार्यकाल का कार्य पूर्ण किया, जिसमें 70 वर्षों के पूर्व काम के रिकॉर्ड स्थापित किए। इस टर्न में महिला सीट आने पर आपकी धर्मपत्नी लक्ष्मी कंवर सरपंच बनीं, जिन्होंने काम को प्रधानता दी और संबल बनीं। उनका साथ दिया और कई नए आयाम स्थापित किए। ऐसे ही शख्सियत के धनी व्यक्तित्व और सरपंच पद के प्रबल दावेदार गोपाल सिंह झाला से खास बातचीत के मुख्य अंश:
प्रश्न: गोपाल सिंह झाला सबसे पहले जनता जानना चाहती है कि आपने कुल कितनी विकास निधि लाई और आपके हिसाब से उसमें 3 सबसे बड़े काम क्या हैं?
उत्तर: हर घर जल जीवन मिशन के तहत टंकी बनवा कुए खुदवाए। लोगों के घरों में नल पहुंचा पानी पहुंचाने का कार्य किया। धनेरिया स्कूल को हॉयर सैंकडरी में क्रमोन्नत कराया। मुख्य सड़क की मरम्मत कराई। सड़क चौड़ाकरण का कार्य कराया जाएगा। किसानों को खाद-बीज के लिए सहकारिता विक्रय केन्द्र खुलवाया। श्मशान भूमि का अधिग्रहण कराया। महिलाओं के लिए अर्बन और सरस डेयरी खुलवाई। युवाओं के लिए खेल मैदान का विस्तार होगा।
प्रश्न: गरीब तक योजना पहुँची क्या? जल जीवन मिशन, पीएम आवास, शौचालय, पेंशन आदि ये कागज पर स्त्री को दिखती हैं, पर जमीनी हकीकत में आखिरी छोर तक के आदमी तक पहुँची क्या?
उत्तर- जल जीवन मिशन का पानी घर-घर पहुंचाने का कार्य किया। पीएम आवास में 150 कॉलोनियां आवंटित कराई। 150 और कॉलोनियों का कार्य अंतिम दौर में है। इसके अलावा पंचायत में 360 और कॉलोनियां स्वीकृत हुई है। उन्हें भी आम-जन को उपलब्ध कराया जाएगा।
कॉलोनी आवंटन में किसी भी तरह का किसी का पैसा नहीं रोका गया। एक रुपये का भ्रष्टाचार नहीं किया गया। सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों को दिलाने के लिए मैं ग्रामीणों को 24 ही घंटें उपलब्ध रहता हूं।
प्रश्न: पंचायत का चुनाव लड़ने का ख्याल कैसे आया?
उत्तर: वैसे तो मैंने कर्मभूमि के लिए मुंबई को चुना, मगर मातृभूमि का सबसे छोटा और लाडला होने के नाते आपने मुझे मुंबई से पुनः घर बुलाया और 17 वर्ष पूर्व पंचायत एवं ग्राम में विकास करने का जज़्बा पैदा हुआ तो प्रथम चुनाव हमारे पूर्व सरपंच साहब दूदाजी जाट के सामने लड़ा, जिसमें मुझे दूसरा स्थान मिला और मेरे हौसले बुलंद हुए। पुनः आने वाले चुनाव में जब मैंने चुनाव लड़ा तो मुझे धनेरिया और खरताना का भरपूर प्यार मिला और मैंने चुनाव जीतकर ग्राम विकास का सपना संजोया।
प्रश्न: सरपंच पद पर जीतने के बाद आपने व्यक्तिगत जीवन में क्या महसूस किया?
उत्तर: सरपंच का चुनाव जीतने के बाद मेरे जीवन में खुशियाँ बढ़ गईं। प्रत्येक व्यक्ति के साथ मिलना-जुलना हुआ, राजकीय पहचान बढ़ी और पंचायत में विश्वास करने का बीड़ा उठाया जिससे मेरे मार्गदर्शन को भी बल मिला।
प्रश्न: हर व्यक्ति की चाहत होती है कि वह जीवन में कुछ नया करे, आपका लक्ष्य क्यों था?
उत्तर: मैंने भी यही चाहा कि समय के साथ ग्रामवासियों और मेरे सभी पंचों का साथ मिलने से कुछ नए आयाम स्थापित करूँ और इस कसौटी पर मैंने खरा उतरने का प्रयास किया।
प्रश्न: अब तक की इस सफर की सफलता का श्रेय किसे देना चाहेंगे?
उत्तर: सबसे पहले मेरी माताजी का आशीर्वाद, पंचायतवासियों का आशीर्वाद और मेरी भाई-बहनों और युवा साथी टीम सभी का आशीर्वाद व सहयोग और मेरी धर्मपत्नी लक्ष्मी कंवर जो वर्तमान में सरपंच हैं, उनका पूर्ण सहयोग से मैं पुनः आपके समक्ष उपस्थित हुआ हूँ। जिसमें मुझे सभी ग्रामवासियों, पंचायतवासियों और सभी का आशीर्वाद मिले तो मैं अधूरे कार्य पूर्ण कर सकूँ। जय हिंद, जय भारत!
विकास कार्य, बजट और किसान कल्याण
प्रश्न: किसान भाई कह रहे हैं कि हमारे लिए क्या किया? हम आपको फिर क्यों चुनें?
उत्तर: किसान भाइयों के लिए मैंने जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत से बात कर सीफट और खरताना तालाब को रोहिल गरास बांध से भरने की माँग की जिससे उठाने का आश्वासन दिया। धनेरिया स्कूल को भी खरताना स्कूल की तर्ज पर स्व. चाँदमलजी जैसा भामाशाह का चयन करने की बात शिक्षा मंत्री मदन दिलावरजी व सी.पी. जोशीसा, कृष्ण गोपाल जी पालीवाल के सामने रखी। सहकारिता मंत्री गौतमजी दक से मिलकर किसानों के लिए खाद-बीज वगैरा आसानी से उपलब्ध हो इसके लिए पंचायत में सहकारिता भवन बनाया। मैं आपसे और भी एक मौका माँग रहा हूँ जो अधूरे कार्य हैं, उन्हें पूरा कर सकूँ। मेरी कोई गलती हुई तो उसे सुधार सकूँ। अगर मैंने दिल से पंचायत की सेवा की तो आप मुझे पुनः आशीर्वाद दें। मैं सरपंच नहीं, आपके गाँव का, आपकी पंचायत का बेटा हूँ, आपका भाई हूँ। इसलिए अधूरे कार्य कर सकूँ तो आपका आशीर्वाद मिले।
महिला सुरक्षा, गुटबाजी और सामाजिक सरोकार
प्रश्न: पुरुष-प्रधान समाज में आप महिलाओं को कितना सुरक्षित समझते हैं और यहाँ की महिलाओं का कहना है कि हमारे भाई सरपंच गोपाल सिंह जी जैसे हैं तो हमें डर किस बात का?
उत्तर: गांव की महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पंचायत में अर्बन डेयरी खुलवाई। साथ ही सरस डेयरी का सेंटर खुलवाया। महिलाओं के समूह से लोन की व्यवस्था हो रही है। नाबालिग बच्चों के लिए सखी योजना चल रही है। आज देश की स्थिति आप देख रहे हैं, महिलाओं को जितनी सुरक्षा मिलनी चाहिए उतनी नहीं मिल पा रही है। तो यदि पुनः सभी बहनों के सपोर्ट से सरपंच पद पर आता हूँ, तो मेरी पहली प्राथमिकता महिलाओं के लिए महिला सम्मान और समुचित सशक्तिकरण के प्रयास के साथ महिला रोजगार विकास को प्रथम वरीयता दी जाएगी।
प्रश्न: गुटबाजी ज्यादा है पंचायत में कहा जाता है कि गाँव में दो गुट हैं और आप एक गुट के सरपंच बनकर रह गए, आप पूरे गाँव के सरपंच नहीं बन पाए यदि आप इस इसे चुनाव में जीतते हैं तो गुटबाजी कैसे खत्म करेंगे?
उत्तर: मैं सभी का हूँ, सभी मेरे भाई हैं, लोकतंत्र है, सभी की पसंद करना जरूरी नहीं। जो पसंद नहीं करते को भी मेरे भाई हैं शायद उनके घर तक नहीं पहुँच पाया। इस बार मैं घर-घर जाऊँगा। गिले-शिकवे हैं, नाराजगी है तो उसे प्यार से दूर करूँगा, झगड़े से नहीं।
प्रश्न: आपका पंचायत का कामकाज, समाजसेवा, हरेक के दुख-सुख में सहभागी बनने पर 36 कौम में आपका नाम आदर के साथ लिया जाता है क्या आप उससे सहमत हैं?
उत्तर: जी हाँ, मानव सेवा और पंचायत के कामकाज में मैं सदैव अग्रणी रहा हूँ। हरेक के दुख-सुख में खड़ा हूँ। यह लगण मुझे मेरे पिताजी स्व. गोपीर सिंहजी से विरासत में मिली है कि मैं सभी काम और हर जगह में तत्पर रहता हूँ जिससे मैं सभी का चहेता हूँ। मेरे ग्रामवासियों के प्यार और जज्बे से आज मैं इस मुकाम पर हूँ।
आरोप-प्रत्यारोप और जनता की शिकायतें
प्रश्न: गाँव में घूमने पर दो बात सुनने को मिली है, एक वर्ग कहता है कि सरपंच साहब ने बहुत काम किया तो दूसरा वर्ग कहता है कि सरपंच साहब ने भेदभाव किया, हमारे वार्ड में काम नहीं हुआ, तो इस आरोप पर क्या कहोगे आप?
उत्तर: देखिए आरोप लगाना आसान है, मैं मानता हूँ कि एक-दो जगह काम लेट हुआ आप मेरे रजिस्टर देख लीजिए हर वार्ड में मैंने दिल से काम करवाया। कहीं भी जाती दलगत नहीं देखा गया तो भी अगर आप में से किसी को लगता है कि भेदभाव हुआ तो मैं कैमरे पर कहता हूँ आप मेरे घर आइए आपका काम सबसे पहले होगा।
प्रश्न: आप पर व्यक्तिगत आरोप भी लग रहे हैं। कुछ लोग निजी तौर पर कहते हैं कि सरपंच साहब गोपाल सिंहजी का व्यवहार बदल गया, घमंड आ गया, आप इसको कैसे लेते हैं, क्या सत्ता में स्वभाव बदलता है?
उत्तर: ये बात सुनकर दुख हुआ, अगर किसी को लगता है तो मैं माफी माँगता हूँ। सच कहूँ तो काम के चक्कर में कभी-कभी कम दिख पाता हूँ, फतेहनगर, उदयपुर, खरताना, धनेरिया के बीच होने से कम दिखता, परंतु मेरा दरवाजा हमेशा खुला है। आप प्रातः 6 बजे से आपकी सेवा में मिलूँगा और मैं तो आपका ही हिस्सा हूँ।
युवाओं की बात और भविष्य का विज़न
प्रश्न: युवाओं का सवाल है—गाँव के युवा कह रहे हैं कि रोड बन गए, आरो, हैंडपंप लग गए, स्ट्रीट लाईट आ गई, सामुदायिक भवन बन गए, गाँव की गलियाँ और सीमेंट रोड सरंपच साहब ने बनाए, मगर युवाओं के लिए खेल मैदान, लाइब्रेरी और ओसरोणा के विकल्प नहीं बने?
उत्तर: मैं मानता हूँ कि युवाओं के लिए जितना करना चाहिए उतना नहीं कर पाया। मगर खेल मैदान बनाया उसकी चारदीवारी का काम बाकी है और इस बार आपके सहयोग से चुनाव जीतूँगा। ग्राम में प्रथम प्रायोरिटी लाइब्रेरी होगी और खेल मैदान होगा, ये मेरा आपसे वादा है।
प्रश्न: भविष्य का विज़न—मान लीजिए जनता ने फिर आपको मौका दिया तो अगले 5 साल में ऐसे काम करेंगे जो पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल से बिल्कुल अलग होंगे?
उत्तर: जी हाँ, पहला काम लाइब्रेरी, जिससे युवाओं को बाहर नहीं जाना पड़ेगा और पढ़कर खुद अपना भविष्य निर्धारित कर सकें। दूसरा हर वार्ड में सी.सी.टी.वी. कैमरा लगे जिससे चोरी और अपराध पर लगाम लग सके। तीसरा काम श्मशान भूमि मोक्षधाम को स्कूल के पीछे एक बीघा जगह में बनाएँगे जिसमें लड़कियों का बाथरूम, ज्ञान घर की व्यवस्था के साथ उद्यान का निर्माण और एम.डी.आर. रोड के काम का प्रावधान दिलाना। मेरी माताजी का स्वप्न है किअपनी पंचायत भी पीपलांत्री गाँव जैसी हो उसके लिए प्रयास करना। एक पेड़ माँ के नाम।
