बाल विवाह की सूचना देने पर मिलेगा 1100 रुपये नकद पुरस्कार, पहचान रहेगी गोपनीय
उदयपुर, 17 अप्रैल। आगामी 19 अप्रैल एवं 1 मई को अक्षय तृतीया एवं पीपल पूर्णिमा जैसे अबूझ सावों पर बाल विवाह होने की अधिक संभावना के मद्देनजर जिला प्रशासन, बाल अधिकारिता विभाग, गायत्री सेवा संस्थान तथा जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एलाइंस, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में एक माह का बाल विवाह मुक्त उदयपुर अभियान प्रारंभ किया गया।
अभियान की शुरुआत शुक्रवार को राजकीय किशोर गृह के सभागार में बाल अधिकारिता विभाग द्वारा आयोजित बैठक में अभियान से संबंधित पोस्टर विमोचन के साथ हुई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उदयपुर के सचिव कुलदीप शर्मा ने कहा कि बाल विवाह एक कानूनी अपराध है एवं इसकी रोकथाम हेतु कड़े कदम उठाते हुए सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह तभी संभव होगा, जब सभी विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का तत्परता से निर्वहन करेंगे।
बैठक में उपनिदेशक, बाल अधिकारिता विभाग के. के. चंद्रवंशी ने बताया कि प्रशासन इस अभियान को सफल बनाने हेतु पूर्ण रूप से प्रयासरत है तथा अलर्ट मोड में कार्य कर रहा है। बैठक में विवाह से जुड़े विभिन्न स्टेकहोल्डर जैसे हलवाई, बैंड, फोटोग्राफर आदि को बुलाकर उन्हें बाल विवाह कानून से अवगत करवाया गया।
इस अवसर पर गायत्री सेवा संस्थान के समन्वयक नितिन पालीवाल ने बताया कि अभियान के तहत संस्थान द्वारा एक हेल्पलाइन 8239999288 प्रारंभ की गई है, जिसके माध्यम से बाल विवाह की सूचना दी जा सकती है। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी तथा सूचना का सत्यापन होने पर 1100 रुपये नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
अंत में चाइल्ड हेल्पलाइन के जिला समन्वयक नवनीत औदिच्य ने बताया कि विभाग द्वारा टीम गठित कर सक्रिय रूप से कार्य किया जा रहा है तथा विभाग द्वारा संचालित चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर भी शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है।
बैठक में जिला बाल कल्याण समिति, चाइल्ड हेल्पलाइन, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, चिकित्सा विभाग, मानव तस्करी विरोधी यूनिट, गायत्री सेवा संस्थान एवं बच्चों के लिए कार्य कर रही विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
