करणपुर, 30जुलाई। अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान तथा गायत्री परिवार उदयपुर के मार्गदर्शन में करणपुर नव चेतना केंद्र पर गुरु पूर्णिमा महापर्व श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित भव्य गायत्री महायज्ञ में करणपुर सहित आसपास के अनेक गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं तथा गुरुसत्ता के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 8:30 बजे वैदिक मंत्रोच्चार एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात यज्ञाचार्य गंगाराम नागदा एवं लहरीलाल नागदा के सान्निध्य में गायत्री महायज्ञ, गुरु दीक्षा संस्कार, जन्मदिवस संस्कार एवं पुंसवन संस्कार वैदिक विधि-विधान से संपन्न कराए गए। उपस्थित श्रद्धालुओं ने यज्ञ में सहभागिता करते हुए विश्व शांति, राष्ट्र की उन्नति, परिवारों के सुख-समृद्धि तथा मानव कल्याण की मंगलकामना की।
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जन्म शताब्दी वर्ष के त्रिवेणी संगम के विशेष अवसर पर कार्यक्रम में 21 साधकों ने सवा लाख गायत्री मंत्र जप अनुष्ठान का संकल्प लिया। आयोजकों ने बताया कि यह संकल्प समाज में नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक जागरण एवं सकारात्मक विचारों के प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
महायज्ञ के सफल आयोजन में श्यामजी उपाध्याय, राजेश उपाध्याय, शिवलाल पाटीदार, खोमा गुर्जर, परसराम सुथार, गोपाल तंत्रकार एवं पंकज कुमार पंड्या सहित गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग रहा। सभी ने व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं के लिए भोजन-प्रसाद की व्यवस्था की गई। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर गुरुदेव के आदर्शों को जीवन में अपनाने तथा समाज में संस्कार, सेवा और सद्भावना के प्रसार का संकल्प लिया।
