- वादे हवा-हवाई, वार्ड बेहाल!
सीनियर रिपोर्टर- श्रीमती भगवती जोशी
फतहनगर-सनवाड़, 24 जुलाई। आगामी नगर पालिका चुनावों के मद्देनज़र वरिष्ठ पत्रकार श्रीमती भगवती जोशी के विशेष कार्यक्रम “नेताजी का रिपोर्ट कार्ड” के तहत फतहनगर-सनवाड़ नगरपालिका के वार्ड नंबर 22 का जमीनी सर्वे किया गया। सर्वे के दौरान सड़क, पेयजल, बिजली, सफाई, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट और अन्य मूलभूत सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया गया। इस ग्राउंड रिपोर्ट का उद्देश्य पिछले पांच वर्षों में हुए विकास कार्यों का जमीनी स्तर पर मूल्यांकन करना और वार्डवासियों की समस्याओं को सामने लाना है, ताकि आगामी चुनाव में मतदाता अपने जनप्रतिनिधि के कार्यों का सही आकलन कर सकें।
पांच साल में विकास नहीं, सिर्फ इंतजार मिला”
वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में उनके क्षेत्र में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हुए। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई स्थानों पर सड़कें खराब हैं, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है और पेयजल की समस्या बनी हुई है। कुछ लोगों ने पट्टे दिलाने के चुनावी वादे पूरे नहीं होने की बात भी कही।
वार्डवासियों ने बिजली के भारी बिल, खराब मीटर और झुके हुए बिजली के तारों की समस्या भी उठाई। इसके अलावा पुराने सामुदायिक एवं पंचायती भवन को हटाने की चर्चा को लेकर भी लोगों में नाराजगी दिखाई दी।
कुछ स्थानीय निवासियों का कहना है कि चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधियों ने वार्ड की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
खुले नाले, टूटी सड़कें और गंदगी से परेशान महिलाएं
वार्ड की महिलाओं ने खुले नाले और जल निकासी की खराब व्यवस्था को लेकर गंभीर शिकायतें कीं। उनका कहना है कि खुले नाले में बच्चे और जानवर गिरने का खतरा बना रहता है। नाले में कचरा और मृत जानवर फेंके जाने से दुर्गंध की समस्या भी बनी रहती है।
महिलाओं का आरोप है कि कुछ स्थानों पर शौचालयों के पाइप टूट जाने के कारण गंदा पानी इधर-उधर फैल रहा है। खराब रास्तों के कारण वाहनों की आवाजाही में भी परेशानी होती है। ग्रामीण क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं ने बताया कि खेतों से मक्का और गेहूं जैसी फसलें लाने-ले जाने में भी खराब रास्तों के कारण दिक्कत होती है।
स्थानीय महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि स्ट्रीट लाइट खराब होने की शिकायत कई बार की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधि चुनाव के दौरान वोट मांगने आते हैं, लेकिन चुनाव के बाद नियमित रूप से वार्ड की समस्याओं का जायजा नहीं लेते।
तालाब रोड पर कचरा डंपिंग से नाराजगी
वार्डवासियों की एक बड़ी शिकायत मुख्य सड़क यानी तालाब रोड पर बने अस्थायी कचरा पॉइंट को लेकर है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां शहर का कचरा और कई बार मृत जानवर भी डाल दिए जाते हैं।
बारिश के दौरान कचरा और गंदा पानी सड़क पर फैल जाता है, जिससे दुर्गंध और गंदगी की समस्या बढ़ जाती है। लोगों ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी जताईं और कहा कि लंबे समय तक गंदगी और प्रदूषण के बीच रहना उनके लिए गंभीर परेशानी का कारण बन रहा है।
वार्डवासियों के अनुसार, इसी मार्ग से ठाकुर जी की सवारी, मोहर्रम के जुलूस और गणेश विसर्जन जैसी धार्मिक यात्राएं भी निकलती हैं। लोगों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान भी सड़क और आसपास की गंदगी बड़ी समस्या बन जाती है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस संबंध में कई बार शिकायतें की गईं और ईओ को ज्ञापन भी दिया गया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
पेयजल संकट: खराब हैंडपंप, दूर से पानी लाने को मजबूर महिलाएं
वार्ड की महिलाओं ने पेयजल संकट को भी प्रमुख समस्या बताया। उनके अनुसार, क्षेत्र का हैंडपंप खराब पड़ा है, जिसके कारण उन्हें दूर-दराज के घरों से पानी लाना पड़ता है।
महिलाओं का कहना है कि पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए उन्हें दूसरे मोहल्लों पर निर्भर रहना पड़ता है। कचरा पात्र नहीं होने के कारण कई लोग नाले के आसपास कचरा डालने और उसे जलाने को मजबूर हैं।
स्ट्रीट लाइट की कमी के कारण रात के समय अंधेरा रहता है। महिलाओं और बुजुर्गों ने बताया कि अंधेरे में आवारा कुत्तों और अन्य जानवरों का डर बना रहता है, जिससे रात में घर से निकलना मुश्किल हो जाता है।
सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने का आरोप
कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि पात्र विधवा महिलाओं को बीपीएल योजना, पेंशन, राशन और आवास जैसी सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
उनका कहना है कि इन योजनाओं के लिए कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया गया, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। महिलाओं ने भावुक होकर कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिला।
पार्षद ने गिनाए विकास कार्य, कहा—शिकायत पर तुरंत होता है समाधान
वहीं, वार्ड नंबर 22 की पार्षद रम्भा जी सोनी ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में कई विकास कार्य करवाने का दावा किया। उन्होंने बताया कि वार्ड में पनघट योजना, लाइट, सड़क और नालियों की मरम्मत सहित कई कार्य करवाए गए हैं।
पार्षद ने यह भी स्वीकार किया कि वह स्वयं क्षेत्र में कम जा पाती हैं। हालांकि, उनका कहना है कि जनता की ओर से पानी, लाइट या अन्य किसी समस्या की शिकायत आने पर उनके पति गणपत जी सोनी मौके पर जाकर समस्या का समाधान करवाते हैं और आवश्यकता पड़ने पर वह स्वयं भी क्षेत्र में जाती हैं।
मुख्य तालाब के पास गंदगी और सड़क पर कचरा डाले जाने की समस्या पर पार्षद ने कहा कि उन्होंने अपनी ओर से साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं के लिए पूरे प्रयास किए हैं।
अब जनता मांग रही है जवाब
वार्ड नंबर 22 की जमीनी स्थिति पर सामने आए बयानों से स्पष्ट है कि विकास कार्यों को लेकर जनता और जनप्रतिनिधि के दावों में काफी अंतर है। जहां स्थानीय लोग सड़क, पानी, बिजली, सफाई, जल निकासी और सरकारी योजनाओं को लेकर शिकायतें कर रहे हैं, वहीं पार्षद अपने कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों का दावा कर रही हैं।
अब आगामी नगर पालिका चुनावों में वार्ड 22 के मतदाताओं के सामने यही सवाल है कि पिछले पांच वर्षों में उनके क्षेत्र में कितना विकास हुआ और कितनी समस्याएं अब भी जस की तस हैं। “नेताजी का रिपोर्ट कार्ड” का यह जमीनी सर्वे इसी सवाल को जनता के सामने रखता है—क्या वार्ड 22 को विकास मिला या फिर पांच साल सिर्फ इंतजार में बीत गए?
