फतहनगर-सनवाड़ (उदयपुर): फतहनगर-सनवाड़ नगरपालिका चुनाव 2026 के सभी 25 वार्डों के परिणाम सामने आ गए हैं। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 13 वार्डों में विजय हासिल कर बहुमत ले लिया है, जबकि इण्डियन नेशनल काँग्रेस ने 12 वार्डों में जीत दर्ज की है।
दलीय स्थिति (कुल 25 वार्ड)
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा): 13 सीटें
- इण्डियन नेशनल काँग्रेस: 12 सीटें
वार्ड अनुसार विजयी उम्मीदवारों की सूची
वार्डवार विजयी प्रत्याशियों और उनकी राजनीतिक पार्टियों का विवरण इस प्रकार है:
| वार्ड संख्या | विजयी प्रत्याशी का नाम | विजयी पार्टी |
|---|---|---|
| वार्ड 01 | प्रकाश पुरी गोस्वामी | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) |
| वार्ड 02 | कृष्णा तेली | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) |
| वार्ड 03 | राजेश कुमार | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) |
| वार्ड 04 | प्रियंका | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) |
| वार्ड 05 | बाबुलाल चोपड़ा | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) |
| वार्ड 06 | मीना जाट | इण्डियन नेशनल काँग्रेस |
| वार्ड 07 | भंवरलाल बैरवा | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) |
| वार्ड 08 | गीता कुमावत | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) |
| वार्ड 09 | नाथूलाल भील | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) |
| वार्ड 10 | किशन लाल | इण्डियन नेशनल काँग्रेस |
| वार्ड 11 | सचिन खटीक | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) |
| वार्ड 12 | रोहित गुप्ता | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) |
| वार्ड 13 | किशनलाल | इण्डियन नेशनल काँग्रेस |
| वार्ड 14 | सरोज | इण्डियन नेशनल काँग्रेस |
| वार्ड 15 | श्रेया गर्ग | इण्डियन नेशनल काँग्रेस |
| वार्ड 16 | शरीफ मोहम्म्द | इण्डियन नेशनल काँग्रेस |
| वार्ड 17 | रेहाना | इण्डियन नेशनल काँग्रेस |
| वार्ड 18 | विकास | इण्डियन नेशनल काँग्रेस |
| वार्ड 19 | ममता कुँवर | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) |
| वार्ड 20 | सीमा सोनी | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) |
| वार्ड 21 | गीता देवी | इण्डियन नेशनल काँग्रेस |
| वार्ड 22 | रतनलाल मीणा | इण्डियन नेशनल काँग्रेस |
| वार्ड 23 | रीना कुंवर | इण्डियन नेशनल काँग्रेस |
| वार्ड 24 | सोसर | इण्डियन नेशनल काँग्रेस |
| वार्ड 25 | मुकेश खटीक | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) |
खबर का मुख्य अंश:
फतहनगर-सनवाड़ नगरपालिका चुनाव में 13 सीटों के साथ भारतीय जनता पार्टी बहुमत के आंकड़े तक पहुंच चुकी है। आधिकारिक परिणाम रिटर्निंंग ऑफिसर द्वारा घोषित किए जाएंगे। 21 सितंबर को अध्यक्ष पद के लिए भाजपा को जीते हुए प्रत्याशियों को अपने साथ रखना होगा। कांग्रेस की उन्हें तोड़ने और अपने प्रत्याशियों को साथ रखने की रणनीति रहेगी।
