Friday, September 18, 2026
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फतहनगर के गणेश मंदिर पहुंचे बंबोरी के चारभुजा पदयात्री: भगवान गजानन का हुआ अलौकिक शृंगार, भजनों की स्वर लहरियों पर देर रात तक झूमे श्रद्धालु

  • बंबोरी से गढ़बोर जा रही 28वीं पैदल यात्रा का फतहनगर में भव्य स्वागत; मंदिर प्रांगण में गूंजे ‘जय चारभुजा’ और ‘जय गणेश’ के जयकारे

फतहनगर। श्री चारभुजा पैदल संघ बंबोरी के तत्वावधान में आयोजित 28वीं वार्षिक पैदल यात्रा अपने निर्धारित पड़ाव के तहत फतहनगर पहुंची। फतहनगर स्थित प्रसिद्ध गणेश मंदिर परिसर में पदयात्रा के आगमन पर स्थानीय धर्मप्रेषियों, ग्रामीणों और सेवादारों द्वारा गाजे-बाजे तथा पुष्प वर्षा के साथ श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत किया गया। इस विशेष अवसर पर फतहनगर के गणेश मंदिर में भगवान श्री गणेश का अलौकिक एवं नयनाभिराम शृंगार किया गया, जिसके दर्शन के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही।

चांदी के नक्काशीदार सिंहासन पर विराजे गजानन, दर्शनों के लिए उमड़ी भीड़

पदयात्रा के पड़ाव को यादगार बनाने के लिए मंदिर समिति द्वारा भगवान गणेश जी की प्रतिमा का विशेष और भव्य शृंगार किया गया। चांदी के आकर्षक एवं नक्काशीदार छत्र-सिंहासन के बीच विराजे भगवान गजानन को विशेष रेशमी पोशाक, मुकुट और सुंदर पुष्प मालाओं से सजाया गया। लाल और ज़रीदार बैकड्रॉप के साथ छोटे-बड़े गणपति स्वरूपों का यह मनमोहक दृश्य श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। मंदिर प्रांगण में प्रवेश करते ही श्रद्धालु भगवान के इस अलौकिक रूप के दर्शन कर भाव-विभोर हो गए।

लक्ष्मीनाथ मंदिर बंबोरी से शुरू हुआ था 100 पदयात्रियों का सफर

संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि यह 28वीं वार्षिक पैदल यात्रा बंबोरी स्थित श्री लक्ष्मीनाथ भगवान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और ध्वज पूजन के साथ सुबह रवाना हुई थी। लगभग 100 से अधिक श्रद्धालुओं का यह जत्था सांवलिया जी धाम में दर्शन-पूजन करते हुए फतहनगर पहुंचा है। यात्रा मार्ग में जगह-जगह भामाशाहों और ग्रामीणों द्वारा पदयात्रियों के लिए ठंडे जल, फलाहार और अल्पाहार की व्यवस्था की गई।

भजन संध्या में भक्तिमय हुआ माहौल, देर रात तक चला भक्ति नृत्य

रात्रि को गणेश मंदिर परिसर में एक विशाल भजन संध्या का आयोजन किया गया। प्रसिद्ध भजन गायकों द्वारा प्रस्तुत चारभुजा नाथ और गणेश वंदना की स्वर लहरियों पर पदयात्री दिनभर की थकान भूलकर भक्ति भाव में लीन हो गए। मंजीरों और ढोलक की थाप पर युवा, बुजुर्ग और बच्चे देर रात तक झूमते और नृत्य करते रहे। ‘जय चारभुजा नाथ’ और ‘गणपति बाप्पा मोरया’ के जयकारों से पूरा फतहनगर क्षेत्र धर्ममय हो उठा।

अगले पड़ाव के लिए नाथद्वारा व केलवा की ओर प्रस्थान

फतहनगर में रात्रि विश्राम और महाप्रसाद के बाद यह पदयात्रा अपने अगले गंतव्य नाथद्वारा और केलवा होते हुए राजसमंद स्थित श्री चारभुजा नाथ मंदिर (गढ़बोर) के लिए प्रस्थान करेगी। गढ़बोर पहुंचकर संघ की ओर से भगवान चारभुजा नाथ के शिखर पर पारंपरिक ध्वजा अर्पित की जाएगी तथा क्षेत्र की खुशहाली और समृद्धि की कामना की जाएगी।

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