सीनियर रिपोर्टर- श्रीमती भगवती जोशी
फतहनगर, 6 सितंबर। फतहनगर सनवाड़ में वार्ड 22 का चुनाव अजीब हो गया है। 75 वर्ष के कल्याण सिंह पोखरना भाजपा के टिकट से मैदान में हैं। कायदे से उन्हें अनपे राजनीतिक जीवन, वाक कौशलता, स्वास्थ्य के हिसाब से मेवाड़ का दिग्गत नेता होना चाहिए था। कई बार राज्य मंत्रिमंडल का अनुभव होना चाहिए था। लेकिन वे अपने कस्बे में ही सिमट कर रह गए। पोखरना जी जीता जागता उदाहरण हैं कि अगर व्यक्ति में इच्छाशक्ति नहीं हो आगे बढ़ने की तो वह कुए में ही रह जाता है। भले ही ईश्वर ने उसे सबकुछ दिया हो।
उनके सामने हैं भाजपा के युवा नेता रहे और पूर्व पार्षद डॉ. गजेन्द्र सिंह रावल। रावल साहब बागी हो चुके हैं। और वे अपने उद्बोधन में डॉ पर बहुत जोर लगाते हैं। जबकि उन्हें पता होना चाहिए राजनीति में डॉ. की इतनी उपयोगिता नहीं होती है चाहे वे पीएचडी धारी हो यो स्वास्थ्य डिग्री धारी। खैर छोड़िए। इसको। इन दोनों के सामने हैं। कांग्रेस के प्रत्याशी रतन मीणा। सड़क के नेता हैं। जुझारूं हैं। पांच साल सड़क पर ही रहे। जनता के मुद्दे उठाते रहे। भाजपा के वोटो में फूट पड़ने का फायदा इन्हें जरूर मिलेगा। देखते हैं 14 सितंबर को क्या होता है।
जनता को तो वैसे ही मरना है चाहे कोई जीतकर आए। उसके काम वैसे ही अलट,लटककर ही होंंगे। जैसे अभी हो रहे थे।
