फतेहनगर, 17 जून। महाराणा प्रताप क्षत्रिय समाज संस्थान एवं नगरपालिका फतेहनगर-सनवाड़ के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती श्रद्धा, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर निकाली गई भव्य शोभायात्रा, विशाल जनसभा एवं विभिन्न सामाजिक गतिविधियों ने पूरे नगर को राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकता के रंग में रंग दिया। आयोजन में सर्व समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
आवरी माता मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा
जयंती समारोह के तहत आवरी माता मंदिर प्रांगण से विशाल शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। शोभायात्रा में सबसे आगे अश्वसवार दल आकर्षण का केंद्र रहा, जबकि क्षत्रिय युवक संघ के पथ संचलन में शामिल करीब 150 शिविरार्थियों ने अनुशासित कदमताल के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। केसरिया साफों और पारंपरिक वेशभूषा में सजे समाजजन महाराणा प्रताप के आदर्शों का संदेश देते हुए चल रहे थे।
शोभायात्रा आवरी माता मंदिर से प्रारंभ होकर रोडवेज बस स्टैंड, हॉस्पिटल रोड, पंजाब बैंक गली, गुरु अंबेश महाविद्यालय, पुराना बाजार, चंगेड़ी रोड और मुख्य बाजार से होती हुई प्रताप चौराहा स्थित प्रताप स्मारक पहुंची, जहां यह एक विशाल जनसभा में परिवर्तित हो गई।
जगह-जगह हुआ स्वागत, सामाजिक सौहार्द की दिखी मिसाल
यात्रा मार्ग पर विभिन्न समाजों और संगठनों द्वारा स्वागत की विशेष व्यवस्थाएं की गईं। बस स्टैंड क्षेत्र में मुस्लिम समाज के लोगों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का आत्मीय स्वागत किया, वहीं चंगेड़ी रोड पर पीपा दर्जी समाज ने स्वागत किया। नगर में अनेक स्थानों पर स्वागत द्वार सजाए गए थे तथा श्रद्धालुओं के लिए आइसक्रीम, शीतल पेय और पेयजल की व्यवस्था की गई।
दसवीं बोर्ड पाठ्यक्रम में महाराणा प्रताप का अध्याय जोड़ने की उठी मांग
जनसभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल मेवाड़ ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव और स्वाभिमान के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा के पाठ्यक्रम में महाराणा प्रताप के जीवन, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति पर आधारित अध्याय शामिल किया जाना चाहिए। वक्ताओं का कहना था कि प्रतिवर्ष लाखों विद्यार्थी दसवीं बोर्ड की परीक्षा देते हैं और यदि पाठ्यक्रम में महाराणा प्रताप के आदर्शों को स्थान मिले तो नई पीढ़ी को इतिहास से प्रेरणा प्राप्त होगी तथा उनमें राष्ट्रप्रेम और स्वाभिमान की भावना विकसित होगी।
पुस्तक ‘भारत की पौराणिक धरोहर-एक खोज’ का विमोचन
समारोह के दौरान लेखक ललित आमेटा इण्टाली द्वारा रचित पुस्तक ‘भारत की पौराणिक धरोहर-एक खोज’ का अतिथियों के करकमलों से विमोचन किया गया।
उपस्थित जनसमूह ने इस बौद्धिक एवं सांस्कृतिक पहल का स्वागत किया।
जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाराणा प्रताप क्षत्रिय समाज संस्थान के अध्यक्ष फतह सिंह राणावत (बंगला) ने की, जबकि समानता मंच के संस्थापक दिग्विजय सिंह करेलिया मुख्य अतिथि रहे।
विशिष्ट अतिथियों में मावली विधायक पुष्कर लाल डांगी, पूर्व प्रधान जीत सिंह चुण्डावत, भाजपा मंडल अध्यक्ष नितिन सेठिया, हिंदुस्तान जिंक वर्कर फेडरेशन के उपाध्यक्ष नरहरि देव सिंह राठौड़, सनवाड़ महाराज साहब अभय सिंह, क्षत्रिय युवक संघ के शिविर प्रमुख ब्रजराज सिंह खारड़ा, पूर्व पालिका अध्यक्ष कल्याण सिंह पोखरणा एवं गोकुल भील, कांग्रेस मंडल अध्यक्ष धर्मेश चपलोत एवं महेंद्र सिंह नामरी, पूर्व किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह चुण्डावत, नगरपालिका अधिशासी अधिकारी छैल कंवर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पार्षद और सर्व समाज के सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
आभार ज्ञापन के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम का संचालन संस्थान के संरक्षक भोम सिंह चुण्डावत एवं महामंत्री रायसिंह चुण्डावत ने संयुक्त रूप से किया। समापन अवसर पर संस्थान अध्यक्ष फतह सिंह राणावत ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी समाजों, संगठनों, अतिथियों एवं नगरवासियों का आभार व्यक्त किया।
